
साध्वी प्रेम बाईसा। फाइल फोटो- पत्रिका
जोधपुर। बोरानाडा थाना क्षेत्र के पाल गांव स्थित आरती नगर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। जांच के लिए गठित एसआईटी एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि कम्पाउण्डर मेल नर्स ने किस डॉक्टर के परामर्श पर साध्वी को दोनों इंजेक्शन लगाए थे।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद ही मृत्यु के कारणों का खुलासा हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि 28 जनवरी को आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत खराब हो गई थी। उन्होंने कम्पाउण्डर देवीसिंह को आश्रम बुलाया था।
देवीसिंह ने डेक्सोना और डायनापार नामक दो इंजेक्शन लगाए थे। कुछ देर आराम मिलने के बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। पिता बिरमनाथ और सेवादार सुरेश उन्हें पाल रोड स्थित निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। पिता की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने कम्पाउण्डर देवीसिंह के बयान दर्ज किए हैं। उसने बताया कि साध्वी की तबीयत खराब होने पर वह आश्रम पहुंचा था, जहां उसे चिकित्सकीय परामर्श की एक पर्ची दी गई थी। उसी के आधार पर उसने दोनों इंजेक्शन लगाए। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इंजेक्शन किस डॉक्टर ने लिखे थे।
2 फरवरी को पुलिस ने जांच के लिए विसरा मंडोर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था, लेकिन अब तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने एफएसएल को पत्र लिखकर रिपोर्ट शीघ्र भेजने का अनुरोध किया है। रिपोर्ट मिलने के बाद महात्मा गांधी अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलान और विश्लेषण कर मृत्यु के कारणों का निर्धारण किया जाएगा।
Published on:
10 Feb 2026 09:07 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
