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अद्वैत लोक… लेजर लाइट, वाटर एंड साउंड शो में जीवंत नजर आएगी उपनिषदों की कथा

-स्क्रीन पर दिखेगा आदिगुरु शंकराचार्य का वेदांत सिद्धांत -ओंकारेश्वर एकात्म धाम में दूसरे चरण का काम आरंभ

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खंडवा

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Manish Arora

Feb 07, 2026

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खंडवा. इस तरह से बनेगा आदिगुरु शंकराचार्य का अद्वैत लोक संग्रहालय।

आदि गुरु शंकराचार्य के एकात्म वेदांत सिद्धांत को अब लोग स्क्रीन पर सजीव देख सकेंगे। लेजर लाइट, वाटर एंड साउंड शो के माध्यम से उपनिषदों की कथाओं को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए ओंकारेश्वर एकात्म धाम में दूसरे चरण का काम आरंभ हो रहा है। पहले चरण में यहां आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची अष्ट घातु की प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है। दूसरे चरण में यहां एकात्मवाद पर आधारित संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है।

आचार्य शंकर के एकात्मा, अद्वैत सिद्धांत को वैश्विक रूप में प्रचार करने के लिए आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, मप्र शासन संस्कृति विभाग आचार्य की संन्यास एवं ज्ञान भूमि ओंकारेश्वर में एकात्म धाम निर्माण कर रहा है। द्वितीय चरण में आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर केंद्रित अद्वैत लोक संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है। नवंबर 2025 में केबिनेट की बैठक में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर संग्रहालय अद्वैत लोक निर्माण की पुनरीक्षित लागत 2424.369 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदत्त की गई थी। अब दूसरे चरण का काम यहां आरंभ किया जा रहा है।

अद्वैत लोक के प्रमुख आकर्षण
हाइस्क्रीन थियेटर :
हाइस्क्रीन पर आचार्य शंकर के जीवन एवं दर्शन पर आधारित निर्माणाधीन फीचर फिल्म 'शंकर' की 40 मिनट की शॉर्ट फिल्म दिखाई जाएगी।

माया गैलरी : 'माया' वेदांत व्याख्या का एक केंद्र है। इसकी बैठक क्षमता 50 होगी। इसमें थ्रीडी होलोग्राम एवं अन्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से ब्रह्म, सृष्टि, माया, जीव एवं जगत आदि सिद्धांतों को कथानक के रूप में बुनकर रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

लेजऱ लाइट वाटर एण्ड साउंड शो : श्रीयंत्र प्रांगण में प्रतिदिवस 'लेजर, लाइट, वॉटर एंड साउंड शो' प्रदर्शित किया जाएगा। इस शो में उपनिषदों की कथाओं को रोचक ढंग से प्रतिदिन संध्याकाल में प्रस्तुत किया जाएगा। शो के दौरान प्रतिमा, पेडेस्टल, हंस द्वार, श्रीयंत्र ओम स्तंभ एवं यथासंभव शिखरों पर प्रोजक्शन मैपिंग भी की जाएगी।

डायोरामा : कुल सात डायोरामा के माध्यम से आचार्य शंकर के संपूर्ण जीवन का सजीव प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। यहां विविध तकनीकों के माध्यम से आचार्य शंकर के जीवन के मुख्य घटनाक्रमों पर आधारित 5 से 7 मिनट की दृश्यावलियां प्रस्तुत की जाएगी।

अद्वैत नर्मदा विहार : अद्वैत लोक के निम्न्न भूतल में अद्वैत नर्मदा विहार स्थित होगा। इसमें दर्शक स्वचलित नौकाओं के माध्यम से विहार कर सकेंगे। नौकाविहार का प्रारंभ अमरकंटक से होकर भरुच की खाड़ी तक होगा।

निदिध्यासन केन्द्र : गाइडेड मेडिटेशन विविध भाषाओं में कराया जाएगा।
कला वीथिका : आचार्य के जीवन, दर्शन तथा आचार्य की रचनाओं पर आधारित विभिन्न शैलियों यथा केरल म्यूरल, पट्टचित्र, कांगड़ा, मधुवनी, समकालीन विभिन्न शैलियों में देश के विख्यात चित्रकारों से चित्र बनवाए जा रहे हैं जिनका प्रदर्शन कला वीथिका में किया जाएगा।
शंकर स्तंभ : शंकर स्तंभ पर आदि शंकराचार्य के जीवन की 32 घटनाओं को लो रिलीफ के द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा। म्यूरल का डिस्प्ले क्लॉकवाइज होगा।
पंचायतन मंदिर : खास शैली में निर्मित इस मंदिर में पांच देवताओं की पूजा की जाएगी। प्रतिमा के नीचे के स्थान का उपयोग ध्यान केंद्र के रूप में किया जाएगा। यहां पर बच्चों के विद्यारंभ, उपनयन इत्यादि संस्कार के लिए व्यवस्था होगी।

दुनिया को एकात्मवाद का देंगे संदेश
पहले चरण में अद्वैत लोक में आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित की गई है। दूसरे चरण में अद्वैत संग्रहालय बनाया जा रहा है। यहां से दुनिया को एकात्मवाद का संदेश दिया जाएगा।
शैलेंद्र मिश्रा, आचार्य शंकर संस्कृतिक एकता न्यास प्रभारी