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खंडवा में बनेगा 100 करोड़ से प्रदेश का पहला आदिवासी लोक

मध्य प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। महाकाल लोक, अहिल्या लोक और संत रविदास लोक की तर्ज पर अब खंडवा में आदिवासी लोक बनाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Jan 31, 2026

tribal people

आदिवासी लोक की एआई आधारित फोटो

मध्य प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। महाकाल लोक, अहिल्या लोक और संत रविदास लोक की तर्ज पर अब खंडवा में आदिवासी लोक बनाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है।

नई पीढिय़ों को उससे कराया जाएगा परिचित

आदिवासी लोक करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रदेश का पहला आदिवासी लोक होगा। इस लोक में आदिवासी नायकों के साथ कला, संस्कृति और जड़ी-बूटियों का संग्रहालय विकसित किया जाएगा। यहां आदिवासी संस्कृति को न केवल सहेजा जाएगा, बल्कि नई पीढिय़ों को उससे परिचित भी कराया जाएगा।

500 एकड़ में प्रस्तावित है आदिवासी लोक

जनजातीय कार्य विभाग ने खंडवा जिले में लगभग 500 एकड़ भूमि पर आदिवासी लोक के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग की कार्य योजना के अनुसार यहां आदिवासियों की परंपराएं, साहित्य, रीति-रिवाज, पहनावा, आभूषण, नृत्य और कला को संरक्षित किया जाएगा।

आदिवासी समुदायों से जुड़ी संस्कृतियां होगी शामिल

इस लोक में न केवल निमाड़, बल्कि देशभर के आदिवासी समुदायों से जुड़ी संस्कृतियों को भी शामिल किया जाएगा। इसके माध्यम से आमजन को आदिवासी मान्यताओं और संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा, साथ ही प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।

भूमि आवंटन की कागजी प्रक्रिया शुरू

जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने प्रस्तावित आदिवासी लोक की भूमि को लेकर कलेक्टर ऋषव गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ से चर्चा कर ब्लू प्रिंट को अंतिम रूप दिया है। करीब दो माह पहले इसकी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। अब भूमि आवंटन की कागजी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

धार्मिक पर्यटन के साथ लोक संस्कृति को बढ़ावा

मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ अब लोक संस्कृति को बढ़ावा देेने के उद्ददेश्य से आदिवासी लोक की कल्पना की गई है। अब तक महाकाल लोक (उज्जैन), सलकनपुर देवी लोक (सीहोर), संत रविदास लोक (सागर), व्यंकटेश लोक (सतना), भादवा माता लोक (नीमच), नवग्रह लोक (खरगोन), महाराणा प्रताप लोक (भोपाल) और अहिल्या लोक (इंदौर) सहित कई परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं। इनमें से कुछ का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि कई प्रस्तावित हैं।

आदिवासी लोक में होंगी ये गतिविधियां

- कला संग्रहालयमें चित्रकला, मूर्तिकला और हस्तशिल्प का प्रदर्शन

- औषधीय उद्यान में जड़ी-बूटियों और पारंपरिक औषधियों का संरक्षण व शोध

- आदिवासी लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक खेलों का आयोजन

- शोध केंद्र में आदिवासी ज्ञान, चिकित्सा पद्धतियों और जीवनशैली पर अध्ययन

-प्रशिक्षण केंद्र में युवाओं को परंपरा और आधुनिकता का समन्वित प्रशिक्षण