
Health Risks You Should Know|फोटो सोर्स – Freepik
Heath Alert: सप्लीमेंट्स आपकी सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, इसलिए आजकल यह सभी लोग लेने लगे हैं। काउंसिल फॉर रिस्पॉन्सिबल न्यूट्रिशन के आंकड़ों के अनुसार सप्लीमेंट्स आज के समय में सेहत का जरूरी हिस्सा बन चुके हैं। लगभग 74% अमेरिकी एडल्ट किसी न किसी तरह का सप्लीमेंट लेते हैं, जिनमें से 55% नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं। आमतौर पर इन्हें पानी के साथ लेना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ लोग इन्हें स्वाद बढ़ाने या पचाने के लिए दूध के साथ लेना पसंद करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा करने से शरीर को नुकसान भी हो सकता है। आइए जानते हैं 5 ऐसे सप्लीमेंट्स जिन्हें कभी भी दूध के साथ नहीं लेना चाहिए।
हर व्यक्ति की लाइफस्टाइल और शरीर की ज़रूरतें अलग होती हैं। कई बार सिर्फ रोजमर्रा के भोजन से शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते। ऐसे में डाइट्री सप्लीमेंट्स इस कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।सप्लीमेंट्स में विटामिन्स, मिनरल्स, अमीनो एसिड्स, हर्ब्स और एंजाइम्स शामिल हो सकते हैं। ये टैबलेट, कैप्सूल, पाउडर या लिक्विड फॉर्म में उपलब्ध होते हैं और सही तरीके से लेने पर संपूर्ण स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं।
दूध खुद कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दूध के साथ कैल्शियम सप्लीमेंट लेना सही है।दूध और कैल्शियम सप्लीमेंट एक साथ लेने से शरीर में कैल्शियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ सकती है। इससे दूसरे मिनरल्स का अवशोषण प्रभावित होता है और लंबे समय में किडनी स्टोन जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
कई लोग सुबह नाश्ते के साथ दूध पीते हुए मल्टीविटामिन लेना आसान समझते हैं, लेकिन यह आदत सही नहीं है।हालांकि दूध में मौजूद फैट कुछ विटामिन्स (A, D, E, K) के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन कैल्शियम और प्रोटीन कई अन्य विटामिन्स और मिनरल्स के अवशोषण को कम कर सकते हैं। इससे मल्टीविटामिन का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए ज़रूरी होता है, जो ऑक्सीजन को पूरे शरीर तक पहुंचाता है। आयरन की कमी से थकान और एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।लेकिन अगर आप आयरन सप्लीमेंट दूध के साथ लेते हैं, तो दूध में मौजूद कैल्शियम आयरन के अवशोषण में रुकावट डालता है। इससे आयरन शरीर में ठीक से नहीं पहुंच पाता और सप्लीमेंट का पूरा फायदा नहीं मिलता।बेहतर तरीका है, आयरन को सादा पानी या विटामिन C युक्त जूस के साथ लें।
जिंक इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने, घाव भरने और कोशिकाओं की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाता है।दूध में मौजूद कैल्शियम और जिंक शरीर में एक ही रास्ते से अवशोषित होते हैं। ऐसे में दोनों साथ लेने पर जिंक का अवशोषण कम हो जाता है। यही वजह है कि जिंक सप्लीमेंट दूध के साथ लेना सही नहीं माना जाता।
मैग्नीशियम मांसपेशियों, नसों और नींद की गुणवत्ता के लिए जरूरी मिनरल है।दूध में मौजूद कैल्शियम और लैक्टोज, मैग्नीशियम के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। ज्यादा कैल्शियम के साथ लेने पर शरीर मैग्नीशियम को ठीक से उपयोग नहीं कर पाता।ध्यान रखें की कैल्शियम और मैग्नीशियम को अलग-अलग समय पर लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।
सप्लीमेंट्स तभी असर दिखाते हैं जब उन्हें सही समय और सही कॉम्बिनेशन में लिया जाए। दूध सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन हर सप्लीमेंट के साथ नहीं।अगर आप किसी विशेष सप्लीमेंट को लंबे समय तक ले रहे हैं, तो डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह लेना हमेशा बेहतर रहता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
29 Jan 2026 11:29 am
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