
Sugar impact on hair growth|फोटो सोर्स – Freepik
Sugar Harmful for Hair: अगर आपके बाल अचानक पतले होने लगे हैं या ज्यादा झड़ रहे हैं, तो इसकी वजह सिर्फ तनाव या हार्मोन नहीं, बल्कि आपकी डाइट में ज्यादा चीनी भी हो सकती है। Cleveland Clinic Journal of Medicine में प्रकाशित रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिक शुगर का सेवन शरीर में सूजन बढ़ा सकता है और ब्लड शुगर लेवल बिगाड़ सकता है, जिसका सीधा असर बालों की जड़ों पर पड़ता है। ऐसे में बालों का झड़ना एक वार्निंग सिग्नल हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकता है।
शुगर से जुड़ी अंदरूनी सूजन के कारण बाल अक्सर बेजान और रूखे लगने लगते हैं। केराटिन कमजोर होने से बाल आसानी से उलझ जाते हैं और टूटने लगते हैं। कई लोगों को हल्की खुजली या जलन महसूस होती है, जबकि कुछ के बालों में पहले जैसी इलास्टिसिटी नहीं रहती और वे लिंप या फ्लैट नजर आते हैं।
बालों की सेहत सुधारने के लिए सबसे जरूरी है ब्लड शुगर को स्थिर रखना। रिफाइंड शुगर और मैदे की जगह साबुत अनाज, दालें और सब्जियों जैसे कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट चुनना फायदेमंद होता है। फाइबर से भरपूर भोजन शुगर के अवशोषण को धीमा करता है और इंसुलिन के उतार-चढ़ाव को कम करता है।पानी पीना भी उतना ही जरूरी है। सही हाइड्रेशन स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन और पोषक तत्वों की सप्लाई बेहतर बनाता है। बाल धोते समय माइल्ड शैम्पू और कंडीशनर का इस्तेमाल करें ताकि स्कैल्प की नेचुरल प्रोटेक्टिव लेयर सुरक्षित रहे। हल्की स्कैल्प मसाज से भी रक्त प्रवाह बढ़ता है और फॉलिकल्स को सपोर्ट मिलता है।नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट को नजरअंदाज न करें। नियमित नींद और तनाव कम करने की आदतें हार्मोन बैलेंस को स्थिर रखती हैं, जिससे हेयर ग्रोथ साइकल मजबूत होती है।
बहुत सख्त डाइट अचानक शुरू करना नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि इससे शरीर को झटका लगता है और बाल झड़ना बढ़ सकता है। ज्यादा हीट स्टाइलिंग या केमिकल ट्रीटमेंट उस समय अवॉयड करें जब बाल पहले से कमजोर हों। सिर्फ टॉपिकल प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहना भी काफी नहीं होता, क्योंकि असली वजह अंदरूनी होती है। मीठे ड्रिंक्स, फ्लेवर्ड कॉफी या पैकेज्ड जूस में छिपी शुगर से भी दूरी बनाएं।
अगर डाइट और लाइफस्टाइल सुधारने के बाद भी बालों का झड़ना या स्कैल्प की समस्या बनी रहे, या साथ में थकान, हार्मोनल बदलाव या वजन में अनियमितता दिखे, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है। सही जांच से कारण स्पष्ट होता है और समय रहते इलाज संभव हो पाता है।
Published on:
03 Feb 2026 03:54 pm
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