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नरसिंहपुर जिले में नल-जल योजनाओं में खामियां ज्यादा, तीन हजार शिकायतों में कई लंबित

uninterrupted drinking water to the people नरसिंहपुर. जिले में लोगों को पेयजल की शुद्ध और सुचारू आपूर्ति के लिए कहने को तो नलजल योजनाएं संचालित हैं, जल जीवन मिशन के तहत कार्य भी चल रहा है। लेकिन इन योजनाओं और कार्यो को लेकर लोग संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। बीते एक साल में योजनाओं […]

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जिले में लोगों को पेयजल की शुद्ध और सुचारू आपूर्ति के लिए कहने को तो नलजल योजनाएं संचालित हैं, जल जीवन मिशन के तहत कार्य भी चल रहा है। लेकिन इन योजनाओं और कार्यो को लेकर लोग संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।

जिले में पेयजल की आपूर्ति के लिए बनी टंकी।

uninterrupted drinking water to the people नरसिंहपुर. जिले में लोगों को पेयजल की शुद्ध और सुचारू आपूर्ति के लिए कहने को तो नलजल योजनाएं संचालित हैं, जल जीवन मिशन के तहत कार्य भी चल रहा है। लेकिन इन योजनाओं और कार्यो को लेकर लोग संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। बीते एक साल में योजनाओं और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी 3070 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में की जा चुकी हैं। वहीं नए साल के पहले पखवाड़े में भी कई शिकायतें आ चुकी हैं।

जिले में नल-जल योजना और पेयजल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति लोगों की शिकायतों के जरिए सामने आ रही है। संबंधित विभाग शिकायतों का निराकरण करने और कार्यो में सुधार लाने के दावे तो कर रहे हैं लेकिन योजनाओं की मैदानी स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। बताया जाता है कि बीते साल मिली 3070 शिकायतों में से 2932 शिकायतों का निराकरण दर्शाया गया है, लेकिन बार-बार एक ही प्रकृति की शिकायतें दर्ज होना विभागीय कार्यप्रणाली और कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है। आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक शिकायतें नल-जल योजना के तहत पानी प्रदाय, पाइप लाइन टूट-फूट, मोटर जलने और सुधार कार्यों से संबंधित रहीं। अकेले इस श्रेणी में 1179 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके अलावा योजना का कार्य पूर्ण हो जाने के बावजूद पेयजल उपलब्ध न होने की 1055 शिकायतें सामने आईं। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि कागजों में पूर्ण बताई जा रही योजनाएं जमीनी स्तर पर लोगों को पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहीं हैं।


ज्यादतर यह समस्याएं
शिकायतों में पाइप लाइन लीकेज, पुरानी और खराब पाइप लाइनों को बदलने, मोटर पंप खराब होने, विद्युत अभाव, डीपी खराब होने और निविदाकारों द्वारा अधूरे या गुणवत्ताहीन कार्य किए जाने से जुड़ी शिकायतें अधिक रहीं। यह स्थिति केवल क्रियान्वयन ही नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की कमजोरी को भी उजागर करती है।
हालांकि विभागीय आंकड़ों में अधिकांश शिकायतों के निराकरण का दावा किया गया है, लेकिन लगातार शिकायतों का दर्ज होना यह संकेत देता है कि समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। मरम्मत अथवा सुधार कार्य बार-बार दोहराए जा रहे हैं।
जिले में नल-जल योजना से जुड़े आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि केवल शिकायतों का निराकरण दिखाना पर्याप्त नहीं है। बार-बार उभरती वही समस्याएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या कार्य गुणवत्ता के मानकों पर खरे उतर रहे हैं, या केवल तात्कालिक सुधार कर फाइलें बंद की जा रही हैं।
बॉक्स
एक साल में शिकायतों में सवाल उठाने वाली श्रेणियां
पानी न मिलने की शिकायतें - 1055
पाइप लाइन की खराबी, आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें -1179
अधूरे-गुणवत्ताहीन कार्य की शिकायतें -154
मोटर पंप खराब, विद्युत अभाव, डीपी खराब होने से योजना बंद - 83
सडक़ रेस्टोरेशन से जुड़ी शिकायतें -56