चेन्नई, Jun 06, 2026

अन्नामलाई (फोटो- एएनआई)
तमिलनाडु की राजनीति में पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई की नई राजनीतिक पहल ने तेजी से चर्चा बटोरी है। लंबे समय से उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, खासकर विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कमजोर प्रदर्शन के बाद। अब अन्नामलाई ने बीजेपी से अलग होकर इधु नम्मा इयक्कम नामक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू किया है। इस आंदोलन को शुरुआत से ही जबरदस्त जनसमर्थन मिला है और लॉन्च के केवल 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों ने स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कराया।
पूर्व तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख के अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि आंदोलन को मिली प्रतिक्रिया उनकी साझा सोच और सामूहिक मिशन पर लोगों के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने सभी समर्थकों और स्वयंसेवकों का आभार भी जताया। अन्नामलाई का यह अभियान पूरी तरह डिजिटल सदस्यता मॉडल पर आधारित बताया जा रहा है, जिसमें युवाओं और पहली बार राजनीति से जुड़ने वाले लोगों की बड़ी भागीदारी देखी गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी कम अवधि में इतने बड़े स्तर पर सदस्यता मिलना तमिलनाडु की क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शुक्रवार को अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार किया। अपने इस्तीफा पत्र में अन्नामलाई ने पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा कि तमिलनाडु को लेकर उनकी सोच और पार्टी नेतृत्व के विचार अलग हो गए थे। उन्होंने लिखा कि वरिष्ठ नेतृत्व से बातचीत के बाद उन्हें लगा कि राज्य के राजनीतिक भविष्य को लेकर दोनों पक्षों की राय मेल नहीं खाती। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब कुछ दिन पहले ही अन्नामलाई ने नई दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी महासचिव बीएल संतोष और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बीजेपी को गठबंधन के बावजूद सीमित सफलता मिली थी। एआईएडीएमके के साथ चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी केवल तीन प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर सकी। इसके बाद से ही अन्नामलाई के नए राजनीतिक विकल्प तलाशने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। कांचीपुरम स्थित कामाक्षी अम्मन मंदिर में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इधु नम्मा इयक्कम की सफलता के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान भी किए। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले महीनों में यह आंदोलन तमिलनाडु की सियासत में नई राजनीतिक धुरी बनाने की कोशिश कर सकता है।
Published on: 06 Jun 2026 11:11 am

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