
अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में जांच तेज
Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हर तरफ बस एक ही सवाल है कि आखिर ये हादसा हुआ कैसे? बता दें कि बुधवार सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत हो गई। बारामती में लैडिंग के दौरान यह हादसा हुआ था। इस हादसे में उनके समेत 5 लोगों की जान चली गई है। इस दर्दनाक हादसे के पीछे का असली कारण अभी तक सामने नहीं आया है। इस मामले में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जांच को लेकर बड़ी घोषणा की है। हादसे की जांच के लिए एक खास टीम बनाई गई है, जो हादसे से जुड़े हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच करने वाली है। साथ ही ब्लैक बॉक्स बरामद किया जा चुका है और अब लोगों की नजर इसी पर टिकी है कि जांच कैसे होने वाली है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस हादसे को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि दुर्घटना वाले दिन से ही जांच एजेंसियां एक्टिव हो गई हैं। हादसे की जांच के लिए दिल्ली में स्थित एएआईबी के तीन अधिकारियों की एक टीम और मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय में स्थित डीजीसीए के तीन अधिकारियों की एक अन्य टीम इस हादसे की जांच में जुटी हुई है। DGCA की टीम AAIB की सहायता के लिए तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई थी। मंत्रालय ने सोशल मीडिया X पर बताया कि जांच का काम आगे बढ़ रहा है और विमान का ब्लैक बॉक्स सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि पूरे मामले की जांच नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
इस विमान हादसे की जांच में एजेंसियां तीन बातों पर खास ध्यान दे रही हैं। सबसे पहले ये देखा जा रहा है कि हादसे के समय मौसम कैसा था और सामने देखने में कितनी दिक्कत हो रही थी, क्योंकि कहा जा रहा है कि उस समय साफ दिखाई नहीं दे रहा था। दूसरा पायलटों के फैसले पर भी ध्यान दिया जाएगा क्योंकि जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि पहली बार लैंडिंग नहीं हो पाने के बाद दूसरी बार कोशिश करने का फैसला क्यों लिया गया और उस दौरान कॉकपिट में क्या स्थिति रही। तीसरा महत्वपूर्ण एंगल बारामती एयरपोर्ट की सुविधाएं हैं। यह एक ऐसा एयरपोर्ट है जहां कंट्रोल टावर जैसी कुछ आधुनिक सुविधाएं नहीं हैं, इसलिए रनवे और नेविगेशन सिस्टम की भी जांच हो रही है। इसके अलावा हादसे से पहले के आखिरी 26 मिनट, ATC से हुई बातचीत और ब्लैक बॉक्स में रिकॉर्ड हुई बातें भी ध्यान से सुनी जाएंगी, ताकि हादसे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
हादसे के बाद जांच एजेंसी ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी और मौके पर पहुंचते ही जरूरी साक्ष्य इकट्ठे कर लिए थे। विमान का ब्लैक बॉक्स, जिसमें कॉकपिट की बातचीत और उड़ान से जुड़ा पूरा डेटा रिकॉर्ड होता है, बरामद किया जा चुका है। इससे यह समझने की कोशिश की जाएगी कि हादसे से पहले आखिरी पलों में क्या हुआ था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर साफ किया है कि यह पूरी जांच AAIB नियम 2025 के नियम 5 और 11 के तहत शुरू की गई है और सभी स्टैंडर्ड प्रोसीजर को फॉलो करते हुए समय पर पूरी की जाएगी।
Updated on:
29 Jan 2026 03:25 pm
Published on:
29 Jan 2026 03:21 pm
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