
जागरूकता के बाद भी नहीं थम रहा सड़क हादसों का कहर
जागरूकता के बाद भी नहीं थम रहा सड़क हादसों का कहर
ग्वालियर। शहर और गांव की सड़कों पर मौत का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 31 दिनों में जिलेभर में 128 सड़क हादसे हुए, जिनमें 30 लोगों की जान चली गई। आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि जिले की सड़कें लगातार ज्यादा खतरनाक होती जा रही हैं। सिलसिलेवार हादसों के बावजूद यातायात व्यवस्था में ठोस और सख्त कार्रवाई की कमी साफ नजर आ रही है।
तेज रफ्तार और लापरवाही बनी जानलेवा
पुलिस के मुताबिक सड़क हादसों के प्रमुख कारण
तेज रफ्तार
ओवरलोडिंग
बिना हेलमेट और सीट बेल्ट
शराब पीकर वाहन चलाना
रॉन्ग साइड ड्राइविंग
शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी सड़क हादसों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
30 दिन में सड़क हादसों का ब्यौरा
वर्ष महीना एक्सीडेंट मृतक
2026 जनवरी 128 30
2025 जनवरी 166 25
2024 जनवरी 144 21
यातायात पुलिस के रिकॉर्ड बताते हैं कि साल के शुरुआती महीने में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार चिंताजनक बना हुआ है। भले ही इस साल जनवरी में हादसों की संख्या पिछले वर्षों से कुछ कम रही हो, लेकिन मौतों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है।
जागरूकता के बाद भी नहीं बदली आदतें
सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
पिछले महीने यातायात सप्ताह के दौरान अधिकारियों ने सड़क पर उतरकर लोगों को हेलमेट पहनने सीट बेल्ट लगाने शराब पीकर वाहन न चलाने की समझाइश दी। यह भी बताया गया कि घर पर परिवार उनका इंतजार करता है, लेकिन इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
क्या बोले यातायात अधिकारी
अनु बेनीवाल, एएसपी यातायात ने बताया कि सड़क हादसों की मुख्य वजह लोगों की लापरवाही और नियमों का पालन न करना है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन आमजन को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
Published on:
10 Feb 2026 06:46 pm
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