
राजगढ़ की कलेशान ग्राम पंचायत में बंदरों के हमलों से अब तक 30 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। महिला-पुरुषों ने उपखंड अधिकारी सीमा मीना को ज्ञापन सौंपकर बंदरों को पकडक़र अन्यत्र छोडऩे की मांग की।एसडीएम को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण।

बहरोड़ क्षेत्र के गांव खरखड़ा में मंदिर परिसर और आसपास बंदरों के बढ़ते आतंक से श्रद्धालु दहशत में हैं। महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने तहसीलदार राजेंद्र मोहन को ज्ञापन सौंपकर ट्रैप टीम भेजने की मांग की।

कोटकासिम कस्बे में बंदर सडक़ों पर झपट्टा मार रहे हैं। दुपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। छतों पर सुखाए कपड़े उठा ले जाना और फाड़ देना आम हो गया है।आम रास्ते पर बैठे बंदर, आवागमन बाधित।