
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट को लेकर महिला वर्ग में सकारात्मक चर्चा देखने को मिल रही है। महिलाओं का मानना है कि बजट में आत्मनिर्भर भारत, रोजगार सृजन, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा, कौशल विकास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चरर पर दिया गया जोर भविष्य में देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। साथ ही इससे महिलाओं और युवतियों के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। महिला वर्ग का मानना है कि जब देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा, तो उसका लाभ समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं तक पहुंचेगा और उनकी भागीदारी भी विकास की मुख्यधारा में और मजबूत होगी।

एसजेएमवीएस कला एवं वाणिज्य महिला महाविद्यालय हुब्बल्ली में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. वहीदा दाऊदजी ने कहा, इस बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विशेष बढ़ावा दिया गया है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश की विदेशी निर्भरता कम होगी। जब देश का औद्योगिक और आर्थिक विकास होगा, तो उसका सीधा लाभ आम नागरिक तक पहुंचेगा। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना साकार होने से आम आदमी के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे और देश के समग्र विकास को गति मिलेगी। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की जरूरत है। यह देश के सुनहरे भविष्य की दिशा में सकारात्मक कदम है।

बेलगावी के केन्द्रीय विद्यालय नं.-३ में कार्यरत शालिनी सिंह ने कहा, वर्तमान आम बजट देश की आर्थिक चुनौतियों और विकास की आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने का गंभीर प्रयास प्रतीत होता है। बजट में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल अवसंरचना और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता देना भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। विशेष रूप से युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए घोषित योजनाएं उपभोग और निवेश को बढ़ावा देने में सहायक बन सकती हैं। व्यापार एवं उद्योग जगत के लिए नीतिगत स्थिरता और बुनियादी ढांचे में निवेश अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। ज्ञान आधारित क्षेत्रों, पुस्तकालयों और डिजिटल संसाधनों पर बल विद्यार्थियों में अध्ययन की रुचि बढ़ाने के साथ सीखने की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगा। कुल मिलाकर यह बजट विकास, स्थिरता और सामाजिक उत्तरदायित्व का संतुलित दस्तावेज प्रतीत होता है।

तेरापंथ महिला मंडल गदग की पूर्व अध्यक्ष विजेता भंसाली ने कहा, बजट में मोबाइल फोन और ईवी बैटरियों को सस्ता करने के साथ कैंसर की 17 महत्वपूर्ण दवाइयों सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयों को भी सस्ता किया गया है। मधुमेह जैसी सामान्य बीमारी की दवाइयां सस्ती होना आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत है। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह कदम आम जनता के लिए सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

हुब्बल्ली की संतोष वेदमूथा ने कहा, बजट समग्र रूप से सकारात्मक और विकासोन्मुख दिखाई देता है। नई योजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर दिया गया जोर सराहनीय है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो युवाओं और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ मिलेगा। हालाँकि करदाताओं को अपेक्षित टैक्स राहत सीमित ही दिखाई देती है, फिर भी दीर्घकालिक दृष्टिकोण से यह बजट देश के विकास की दिशा में अच्छा प्रयास माना जा सकता है।

डिंपल कानूंगा सिवाना ने कहा, आम बजट में महिलाओं, विशेषकर बेटियों की शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाले प्रावधान भविष्य की पीढिय़ों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनती हैं तो समाज और राष्ट्र दोनों का विकास तेज होता है। इसलिए महिला सशक्तिकरण और कौशल उन्नयन पर सरकार का निरंतर ध्यान आवश्यक और स्वागतयोग्य है।