30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी के रामानुज का कमाल: बना दिया ऑफलाइन AI स्टडी ट्यूटर, बिना इंटरनेट करेगा काम

MP News: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाले रामानुज ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिससे देख हर कोई हैरान है।

2 min read
Google source verification
mp news

फोटो सोर्स- पत्रिका

MP News: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के अत्याधुनिक तकनीक वाले दौर में मध्यप्रदेश के राजगढ़ के एक 23 वर्षीय छात्र ने एआई स्टडी ट्यूटर तैयार किया है। इसमें खास यह है कि ये बिना इंटरनेट के काम करता है। खुद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र रामानुज पिता मुकेश कुमार बैरागी निवासी राजबाग कॉलोनी, राजगढ़ ने यह ट्यूटर किया है। इसे पायथन और एचटीएम (कम्प्यूटर लैंगवेज) के माध्यम से यह तैयार किया गया है।

जेईई-सीयूईटी जैसे स्टडी मटेरियल जुड़े

इसमें नीट, जेईई, सीयूईटी सहित एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से जुड़ा तमाम स्टडी मटेरियल रहेगा। इसका लाभ वर्तमान में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 10-12वीं के विद्यार्थी भी कर सकते हैं। इस पूरी ट्यूटर की विशेषता यह है कि इसमें कोई अतिरिक्त खर्च और इंटरनेट की जरूरत नहीं है। जिससे छात्र आसानी से बिना इंटरनेट का उपयोग कर अध्यापन कार्य में उपयोग ले सकते हैं।

मोबाइल-कम्प्यूटर पर ऐसे काम करता है ट्यूटर

एआई स्टडी ट्यूटर को मोबाइल या लैपटॉप, कम्प्यूटर पर उपयोग में लेने के लिए पेंड्राइव के माध्यम से लैंगवेज कॉपी करना होती है। कुछ सॉफ्टवेयर होते हैं, जिन्हें इंस्टॉल करना होता है। जो सॉफ्टवेयर है उसमें एनसीईआरटी से अधिकृत शैक्षणिक मटेरियल है, जिसे आसानी से संबंधित छात्र एक्सस कर सकते हैं, उपयोग कर सकते हैं। एआई एमएल, मार्कअप लैंग्वेज के माध्यम से यह काम करता है। साथ ही लोकल इंजीन लार्ज लेंगवेज मॉडल (एलएलएम) पर यह काम करता है।

पढ़ाई के अलग-अलग मोड

इस ट्यूटर में पढ़ाई के अलग-अलग चरणों के अनुसार उत्तर दिखाने की सुविधा इसमें रहेगी। इसमें सामान्य समझ, तुरंत रिविज़न, अंतिम दिन की तैयारी, केवल की-वर्ड्स के माध्यम से दोहराव, मानव सोच को समझने का प्रयोग भी इसमें किया जा सकता है। पूरा सिस्टम बिना इंटरनेट के काम करता है और कोई भी डेटा बाहर नहीं जाता।

पिता हैं एएसआई

रामानुज ने बॉयोलॉजी में 12वीं की और पायथन लैंगवेज और अन्य फाउंडेशन कोर्स उनकी पढ़ाई के साथ शामिल रहे हैं। वर्तमान में वे ग्रेजुएशन के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता मुकेश कुमार एमपी पुलिस में एएसआई हैं। रामानुज बताते हैं कि एआई को उपयोगी बनाने और तकनीकी तौर पर मजूबती देने के लिए यह हमने बनाया है। जिससे आसानी से छात्र एक्सेस कर सकें।

ध्यान भटकाए बगैर बिना इंटरनेट वाली सुविधा

एआई स्टडी ट्यूटर बनाने वाले छात्र रामानुज बैरागी का कहना है कि महंगी कोचिंग और इंटरनेट पर उपलब्ध अतिरिक्त या भ्रमित करने वाली जानकारी कई बार छात्रों को भटका देती है। इसे समझते हुए ऑफ़लाइन एआई-आधारित स्टडी ट्यूटर विकसित किया। पढ़ाई के दौरान मेरी बहन ने पूछा था कि क्या ऐसा कोई सिस्टम बनाया जा सकता है, जो बिना इंटरनेट के, सीधे एनसीईआरटी से समझाकर पढ़ाए, क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई में ध्यान भटकना, गैर-ज़रूरी कंटेंट और समय की बर्बादी एक आम समस्या बन चुकी है।

आगे छात्र ने बताया कि उसने इसी सोच को व्यावहारिक रूप देने के लिए इस एआई ट्यूटर पर काम शुरू किया गया। ज़्यादातर ऑनलाइन एआई टूल्स इंटरनेट से जानकारी लेकर जवाब देते हैं, जबकि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में एनसीईआरटी ही सबसे भरोसेमंद आधार होती है। इसी कारण इस सिस्टम को इस तरह डिज़ाइन किया गया है।