
झारखंड सरकार के मंत्री आलमगीर आलम के पीए संजीव लाल व उनके नौकर जहांगीर आलम के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में नोटों के पहाड़ मिलने पर झारखंड़ भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी है। प्रकाश ने कहा कि झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव एवं नौकर के घर से करोड़ों रुपए मिलना यह साफ इंगित करता है कि यह पैसा सरकार में शामिल मंत्रियों और अधिकारियों के गंठजोड़ से झारखंड़ के गरीब, आदिवासी, दलित और पिछड़ों की विकास के पैसों की लूट की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने झामुमो, कांग्रेस और राजद को सेवा करने के लिए सत्ता सौपी थी। लेकिन इन दलों की ठगबंधन सरकार ने झारखंड को लूटखण्ड बनाने का काम किया है और एक बार फिर कांग्रेस के मंत्री के भ्रष्टाचार से बना नोटों का पहाड़ सामने आया है जो अब तक 25 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। यह राशि इससे भी अधिक हो सकती है। प्रकाश ने कहा कि देश में मोदी जी के नेतृत्व ईमानदार सरकार चल रही है। मोदी सरकार का साफ कहना है कि न खाएंगे और न ही खाने देंगे। जो भ्रष्टाचार करेगा, गरीबों के विकास के पैसे को अपने तिजोरी में भरेगा वो जेल जाएगा और उससे पैसा वापस लिया जाएगा। देश मे भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इधर, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम के पीएस के घर ईडी की छापेमारी में बरामद करोड़ों रुपए पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुंडा ने कहा कि झारखंड सरकार के मंत्री के पीएस के घर से 25-30 करोड़ रुपया मिल रहा है, तो सोचिए मंत्री जी के पास कितना होगा...क्या ऐसे लोग राष्ट्र निर्माण के बारे में सोच सकते हैं? मुंडा ने कहा कि ये जनता की गाढ़ी कमाई की लूट है।
Updated on:
28 Jun 2024 05:12 pm
Published on:
06 May 2024 07:16 pm
