
Ravi Pushy Nakshatra Upay: रवि पुष्य नक्षत्र के उपाय। (फोटोः एआई)
Ravi Pushya Nakshatra Yoga: साल 2026 की 1 फरवरी को रवि पुष्य नक्षत्र और माघ पूर्णिमा का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस लेख में हम आपको वह गुप्त उपाय बताने जा रहे हैं, जो आपकी मनचाही इच्छा पूरी कर जीवन में सुख-समृद्धि ला सकता है।
ज्योतिष शास्त्र में, पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहते हैं। जब यह रविवार के दिन पड़ता है, तो इसे रवि पुष्य नक्षत्र या रवि पुष्य योग कहते हैं। यह 1 फरवरी 2026 के दिन आ रहा है। धार्मिक विद्वान 2026 की शुरुआत में पूर्णिमा के साथ इस नक्षत्र के आने को सुख-समृद्धि के द्वार खोलने वाला बता रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रविवार, पुष्य नक्षत्र और माघ पूर्णिमा का एक साथ होना, इसे आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति के लिए अत्यंत चमत्कारी बनाता है।
1. रवि पुष्य योग: सूर्य देव की ऊर्जा और पुष्य नक्षत्र की मजबूत स्थिर शक्ति।
2. पूर्णिमा तिथि: चंद्रमा की पूर्णता, जो मन और धन को नियंत्रित करती है।
3. निरंतरता: इस दिन शुरू किया गया कोई भी शुभ कार्य या उपाय लगातार लंबे समय तक शुभ फल देता है।
इस दिन तांबे के पात्र का उपाय करने का कहा जाता है। तांबे का संबंध भगवान सूर्य और केसर का संबंध गुरु व लक्ष्मी से होता है। माना जाता है कि यह उपाय घर की नकारात्मकता (Negativity) को दूर कर सौभाग्य और सकारात्मकता (Positivity) को लाता है।
पात्र: एक साफ तांबे का बाउल (कटोरा) लें।
जल: थोड़ा गंगाजल डालकर उसे शुद्ध जल से भर लें।
केसर: इसमें एक चुटकी असली केसर डालें। इससे जल का रंग हल्का सुनहरा हो जाएगा, जो समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
स्थान: घर के मुख्य द्वार के अंदर प्रवेश करते समय दाहिनी (Right) दिशा में इसे रख दें। पूरे रविवार वाले दिन इसे वहीं रखा रहने दें।
मंत्र जाप: जल रखने के बाद वहीं बैठकर या खड़े होकर 'ओम विष्णवे नमः' की एक माला (108 बार) जप करें।
संकल्प: अपनी उस एक विशेष इच्छा (Special Wish) को मन में दोहराएं, जिसे आप पूरा होते देखना चाहते हैं। इस नक्षत्र का संबंध भगवान सूर्य और बृहस्पति देव से होता है। उनसे आपकी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।
रविवार को पूरे दिन पात्र वहीं रखा रहने दें। अगले दिन सोमवार की सुबह स्नान करें। फिर इस ऊर्जावान जल को तुलसी के पौधे में अर्पित कर दें। माना जाता है कि यह जल घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रकृति (Nature) के साथ जोड़ देता है।
चूंकि पुष्य नक्षत्र में किया गया काम स्थाई यानी हमेशा के लिए होने वाला हो जाता है, इसलिए अनजाने में भी ये गलतियां न करें:
वाद-विवाद: किसी से बहस और लड़ाई-झगड़ा न करें, वरना वह कड़वाहट लंबे समय तक बनी रह सकती है।
कटु शब्द: वाणी पर संयम रखें। किसी का अपमान करने से इस दिन मिलने वाला पुण्य नष्ट हो सकता है।
उधार लेन-देन: इस दिन धन उधार देने और लेने से बचना चाहिए।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन मन-वचन और कर्म से किसी का बुरा न करें, तभी यह उपाय काम करेगा।
{ अस्वीकृति(Disclaimer): यह लेख ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता की पुष्टि और दावा नहीं करते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप, धार्मिक विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।}
Published on:
29 Jan 2026 02:32 pm
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