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मटर के कम दाम मिलने से किसान नाखुश, महंगा बीज लेकर की बोवनी और अब घट गए दाम

बीना. इस वर्ष क्षेत्र में बड़े रकवा में मटर की बोवनी की है और कृषि उपज मंडी में नई फसल की आवक भी शुरू हो गई है, लेकिन दाम कम मिलने से किसान नाखुश हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा आधे दाम मिल रहे हैं।गुरुवार को मंडी में करीब डेढ़ सौ क्विंटल नए मटर की आवक […]

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Farmers are unhappy with the low price of peas, they sowed expensive seeds and now the prices have decreased

मटर बेचने मंडी पहुंचा किसान

बीना. इस वर्ष क्षेत्र में बड़े रकवा में मटर की बोवनी की है और कृषि उपज मंडी में नई फसल की आवक भी शुरू हो गई है, लेकिन दाम कम मिलने से किसान नाखुश हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा आधे दाम मिल रहे हैं।
गुरुवार को मंडी में करीब डेढ़ सौ क्विंटल नए मटर की आवक हुई, लेकिन दाम 2700 से 5000 रुपए क्विंटल ही मिले। मटर बेचने आए किसान महादेव प्रसाद ने बताया कि 4275 रुपए क्विंटल में उपज की डाक हुई, जो बहुत कम हैं। जबकि पिछले वर्ष 9600 रुपए क्ंिवटल में मटर बेची थी। दाम कम मिलने से इस वर्ष सिर्फ लागत ही निकल रही है। किसान संजय नायक ने बताया कि डाक में उनकी मटर 4901 रुपए क्विंटल बिकी है, जबकि उन्होंने 12000 रुपए क्विंटल का बीज खरीदकर बोवनी की थे। इसके बाद खाद, दवाओं का छिड़काव किया। दाम कम मिलने से सिर्फ लागत ही निकली है। पिछले वर्ष दाम अच्छे मिलने से किसानों ने क्षेत्र में मटर की बोवनी ज्यादा है। वहीं, मंडी में चना 4850 से 5300 रुपए, मसूर 5430 से 6365 रुपए, सरसों 5710 से 7200 रुपए क्विंटल बिका।

नहीं आ रही मांग
मंडी के व्यापारियों का कहना है कि उपज के दाम मांग के अनुसार बढ़ते हैं। मटर की मांग न आने के कारण दाम कम और स्थिर हैं। अभी नए मटर की आवक शुरू हुई है। यदि मांग नहीं बढ़ी, तो आवक ज्यादा होने पर दामों में और गिरावट भी आ सकती है।

व्यापारियों का अनाज फैला परिसर में
रबी सीजन की आवक शुरू हो गई है और फिर भी व्यापारी परिसर में फैले अनाज को नहीं हटा रहे हैं, जिससे किसानों को परेशानी होती है। आवक बढऩे के पहले यदि अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो फिर जाम की स्थिति निर्मित होगी।