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माउंट आबू: ईको सेंसेटिव जोन में रोक के बावजूद हो रहे अवैध निर्माण, पालिका ने फिर ध्वस्त किए दो कमरे व छत

अवैध निर्माणों पर एक सप्ताह में दूसरी बार कार्रवाई माउंट आबू @ पत्रिका. पर्यटन स्थल माउंट आबू के ईको सेंसेटिव जोन में निर्माणों पर रोक के बावजूद अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं। प्रशासन की रोक के बावजूद निर्माण सामग्री भी माउंट आबू तक पहुंच रही है और अवैध निर्माण हो रहे हैं। हाल […]

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अवैध निर्माणों पर एक सप्ताह में दूसरी बार कार्रवाई

माउंट आबू @ पत्रिका.

पर्यटन स्थल माउंट आबू के ईको सेंसेटिव जोन में निर्माणों पर रोक के बावजूद अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं। प्रशासन की रोक के बावजूद निर्माण सामग्री भी माउंट आबू तक पहुंच रही है और अवैध निर्माण हो रहे हैं। हाल के दिनों में प्रशासन की ओर से कई कार्रवाई ने यहां हो रहे अवैध निर्माणों की पोल खोलकर रख दी है। माउंट आबू नगरपालिका की ओर से सोमवार को भी स्वामीनारायण हॉस्टल के पीछे अवैध निर्माण तोडऩे की कार्रवाई की गई। इससे चार दिन पहले भी पांडव भवन के पास दो कॉम्पलेक्स के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

पालिका सूत्रों के अनुसार कुछ समय से स्वामीनारायण हॉस्टल के पीछे अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। अवैध निर्माण की शिकायत प्राप्त होने पर उपखंड अधिकारी डॉ अंशु प्रिया की ओर से प्राप्त निर्देशों की अनुपालना में एईएन नवोदित सिंह व शिल्पा बिष्ट की देखरेख में नगर पालिका अतिक्रमण दस्ते ने मौक़ा निरीक्षण किया। जहां अवैध निर्माण मिला।

दो कमरों की छत व दो कमरों का ढांचा बनाया, टीम ने तोड़ा

एईएन ने बताया कि यहां दो कमरे की आरसीसी की छत व अन्य दो कमरों का ढांचा बना हुआ पाया गया। जिसे नगरपालिका अतिक्रमण दस्ते की ओर से जेसीबी से तोडऩे की कार्रवाई की गई। अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

रोक के बावजूद पहुंच रही निर्माण सामग्री

सबसे बड़ा सवाल यह कि यहां निर्माण और सामग्री परिवहन की प्रशासन से अनुमति लेनी होती है। इसके बावजूद निर्माण सामग्री कैसे पहुंच रही है। साथ ही निर्माण भी हो रहे हैं। प्रशासन एक सप्ताह में ही अवैध निर्माणों पर दो कार्रवाई कर चुका है। ऐसे में स्थानीय कार्मिकों की मिलीभगत भी सामने आ सकती है। हालांकि एसडीएम ने तीन पहले मामले की जांच के निर्देश जारी किए थे।