
सिरोही जिले की कैलाश नगर थाना पुलिस ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए थाने के अस्थाई रसोइया की बहन का मायरा भरकर मानवता की मिसाल पेश की। रसोइया राजुराम देवासी जब से कैलाशनगर पुलिस थाना खुला है, तब से पुलिसकर्मियों के लिए खाना बनाने का कार्य करता आ रहा है। उसकी आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है। ऐसे में थाने के पुलिसकर्मियों ने उसकी भानजी की शादी में मामा बनकर पूरे रीति रिवाज से मायरा भरा। शादी में थाने के सभी पुलिसकर्मी शामिल हुए और बेटी को खुशी-खुशी विदा किया।
जिला पुलिस अधीक्षक सिरोही अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस ने सामाजिक सरोकार से जुड़ी पहल करते हुए पुलिस थाना कैलाश नगर में अस्थाई रसोइया राजुराम देवासी देवनगर की बहन की शादी में मायरा भरा है। एसपी ने बताया कि रसोइया राजुराम नवसृजित पुलिस थाना बनने के बाद से पुलिस जवानों के लिए खाना बनाने के लिए अस्थाई रूप से कार्य कर रहा है।
51 हजार रुपए का मायरा भरकर पेश की मिशाल
कैलाश नगर थानाधिकारी कानाराम सिरवी व स्टाफ ने बताया कि रसोइया राजुराम देवासी के दो सगी बहनें है। जिसमें एक बहन सीता देवी की बेटी कमला की 18 अप्रेल की शादी थी। रसोइया राजुराम देवासी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और भानजी की शादी में उसे मायरा भरना था। थानाधिकारी सिरवी व स्टाफ को जब उसकी दयनीय स्थिति की जानकारी मिली तो उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में साथ देते हुए रसोइया राजुराम देवासी की बहन सीता देवासी को बहन मानते हुए बेटी कमला की शादी में मामेरा भरने का संकल्प लिया। बाद में 17 अप्रेल को थानाधिकारी व समस्त स्टाफ ने राजुराम देवासी की बहन सीता देवासी के घर देवनगर मनादर पहुंचकर 51 हजार रुपए का मामेरा (मायरा) भरकर एक मिशाल पेश की।
माता-पिता का बचपन में हुआ देहांत
पुलिस के मुताबिक रसोईया राजुराम देवासी के दो सगी बहने है। राजुराम देवासी के बचपन में ही उनके माता-पिता का देहान्त हो गया। तब राजुराम का उनके परिवारवालों ने पालन-पोषण किया और दोनों बहनों व राजुराम की शादी की।
Published on:
20 Apr 2024 05:44 pm
