
सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो: पत्रिका
Tonk News: टोंक जिले की सभी नगर पालिकाओं में अब सीधे प्रशासनिक अधिकारी कामकाज संभालेंगे। स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक टोडारायसिंह, मालपुरा, निवाई, देवली और उनियारा नगर पालिकाओं में जल्द ही प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। आगामी नगर निकाय चुनावों तक इन नगर पालिकाओं का प्रशासन उपखंड अधिकारियों (एसडीओ) के पास रहेगा। वे नगर पालिकाओं के प्रशासक होंगे।
इस निर्णय के तहत टोंक जिले की सभी नगर पालिकाओं में नई व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसमें नागरिकों को अपने स्थानीय मुद्दों और कार्यों के लिए नगर पालिका के चेयरमैन के पास नहीं, बल्कि उपखंड अधिकारी के पास जाना होगा।
पहले टोंक नगर परिषद में प्रशासक अतिरिक्त जिला कलक्टर को लगाया था। इसके बाद ग्राम पंचायत से नगर पालिका बनी पीपलू, दूनी, डिग्गी व लाम्बाहरिसिंह में प्रशासक लगाए जा चुके हैं। अब जिले की सभी नगर पालिकाओं में इस व्यवस्था को लागू किया गया है। स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार इन नगर पालिकाओं में कोई भी चुना हुआ चेयरमैन नहीं होगा, बल्कि उपखंड अधिकारी ही इनका कामकाज संभालेंगे।
नए आदेश के तहत अब नगर निकाय के निवासी अपने काम के लिए सीधे एसडीओ से संपर्क करेंगे। पहले यह जिम्मेदारी स्थानीय चेयरमैन की होती थी, जो सीधे जनता से जुड़ा होते थे और समस्याओं का समाधान तुरंत किया करते थे। अब प्रशासनिक प्रक्रिया में बदलाव आने से आम जनता को प्रशासनिक स्तर पर अधिक जटिलताएं महसूस हो सकती है। क्योंकि अब उन्हें सीधे एसडीओ से ही काम करवाना होगा, जो पहले के मुकाबले अधिक कागजी कार्रवाई और लंबी प्रक्रियाओं से जुड़ा हो सकता है।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक केंद्रीकृत और सुव्यवस्थित करना है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि स्थानीय निकायों के चुनावों तक प्रशासन का कामकाज सुचारू रूप से चल सकेगा। हालांकि कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने में और भी देरी कर सकता है।
नगर परिषद, नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के कार्यकाल खत्म होने पर प्रशासक लगाने का मुख्य कारण प्रदेश में एक साथ चुनाव कराना है। सरकार की मंशा है कि चुनाव एक साथ होंगे ते समय और आर्थिक बचत होगी।
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Published on:
02 Feb 2026 03:05 pm
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