
फोटो सोर्स- उन्नाव पुलिस
Lucknow resident arrested for cheating उन्नाव पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसके खिलाफ 35 लाख 20 हजार रुपये ठगे जाने का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी खुद को पीजीआई लखनऊ में असिस्टेंट डायरेक्टर के पास प्रशासनिक टीम के चिकित्सक के रूप में तैनात होने की जानकारी देता था और पांच लोगों को अपने जाल में फंसाया। इस संबंध में उसने कूट रचित ढंग से फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार किया था। मामला आसीवन थाना क्षेत्र का है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के आसीवन थाना में मनोज कुमार पुत्र छेदीलाल निवासी जारुल्ला नगर आसीवान ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने मनोज कुमार पुत्र शिवचरण निवासी एचएलडीए कॉलोनी लखनऊ मध्य कमिश्नरेट मूल पता बेंता थाना बकेवर फतेहपुर को आरोपी बनाया था। अपनी तहरीर में उन्होंने बताया कि मनोज कुमार माइक्रोबायोलॉजी का प्रोफेसर है जो उस समय टीएस मिश्रा यूनिवर्सिटी लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात था।
पीड़ित मनोज कुमार ने बताया कि उसने अपने आप को पीजीआई लखनऊ के असिस्टेंट डायरेक्टर के पास प्रशासनिक टीम के चिकित्सक के रूप में तैनाती की जानकारी दी थी। पीजीआई में लखनऊ में नौकरी लगवाने के नाम पर उसने 6 लाख रुपए लिए। इसके साथ ही करुणा शंकर से 4.5 लाख, सुनील कुमार से चार लाख, दिलीप वर्मा से चार लाख, कमलेश से 3.70 लाख रुपए लिए।
बदले में कूट रचित तरीके से फर्जी नियुक्ति पत्र दिया था। मिली तहरीर के आधार पर आजीवन थाना में संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। 27 जनवरी 2026 को आसीवन थाना पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार को प्रसाद मेडिकल कॉलेज सोहरामऊ के पास से गिरफ्तार किया। आसीवन थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में भेजा जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, उप निरीक्षक प्रेम नारायण पांडे, सर्विलांस टीम से हेड कांस्टेबल सुदीप कटियार, कांस्टेबल प्रशांत बालियान सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे।
Updated on:
28 Jan 2026 09:00 pm
Published on:
28 Jan 2026 08:57 pm
बड़ी खबरें
View Allउन्नाव
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
