मोहनगढ़. नहरों में सिंचाई पानी की किल्लत से जूझ रहे मोहनगढ़ क्षेत्र के किसानों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतिम छोर जीरोआरडी पर किसानों ने अपनी वर्षों की मेहनत और फसलों को बचाने के लिए बेमियादी शुरू किया गया धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। अनिश्चितकालीन धरना स्थल पर दूर-दराज के इलाकों से किसान विभिन्न साधनों से पहुंच रहे है। धरने को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पांच थानों का भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया है। पिछले करीब एक माह से पानी को तरस रहे किसान अब सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं और उनकी मेहनत व उम्मीदें दोनों जलकर राख हो रही हैं। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक नहरों में पूरा सिंचाई पानी नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने की सूचना मिलते ही एसडीएम सक्षम गोयल सहित नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। अधिकारियों की ओर से 600 क्यूसेक पानी देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बार-बार के अधूरे वादों से किसानों का प्रशासन पर भरोसा अब कमजोर पड़ चुका है।