नगर परिषद अमला, पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित नावों को पकडकऱ नवीन घाट लाया गया। इस कार्रवाई में नगर परिषद द्वारा कुल 10 नावें क्रेन से निकालकर जब्त की गईं , जिन्हें नवीन घाट पर नदीकनारे रखा गया । कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार नरेंद्र मुवेल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) मोनिका पारधी, राजस्व निरीक्षक नीरज सहित नगर परिषद का अमला मौजूद रहा।
कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के आदेश अनुसार नर्मदा नदी में अवैध रूप से संचालित हो रही नाव के संबंध में निकाय के द्वारा पूर्व में तीन दिवस का सूचना पत्र जारी कर अवगत करवाया गया था। कि जिनकी नाव अवैध है वह अपनी नाव नर्मदा नदी से बाहर कर ले, लेकिन आदेश का उल्लंघन करते हुए नाविकों द्वारा अवैध संचालन लगातार जारी रखा गया।
10 नावों पर हुई कार्रवाई
राजस्व निरीक्षक नीरज रावत ने बताया कि 10 नाव को क्रेन से निकाल कर जप्त किया गया है। जिन नाविकों की नावें जब्त की गईं, उनमें किशोर राजाराम चौहान, प्रवीण बलवंत चौहान, गोपाल छितु, चंपालाल चनिया, धनसिंह शेरसिंह, गौरव मनोज, महेश बुढिय़ा,पंकज मांगू, चंदन रतन सहित अन्य शामिल हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर हो रही करवाई
नगर परिषद सीएमओ मोनिका पारधी ने बताया खंडवा कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है । नगर परिषद ने नाबालिगों द्वारा नाव चलाने , बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन, अवैध नाव जैसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों पर भी तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित नावों को नदी से बाहर निकलवाया।
रोती हुई महिलाओं ने लगाए भेदभाव के आरोप
वहीं दूसरी ओर मालती बाई ने रोते हुए हुए बताया इस कार्रवाई से दो दिन पहले मेरी नाव का चालान नगर परिषद द्वारा काटा गया जिसकी रसीद भी दी है इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा आज मेरे नाव को पानी से बाहर निकाला गया। लाडली बहन से मिलने वाले पैसे से मैंने नाव को अभी रिपेयर करवाया और पेंटिंग करवाई है मेरी पांच लड़कियां है परिवार कैसे चलाऊंगी।
प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
कार्रवाई को लेकर नाविकों में भारी रोष देखने को मिला। नाविकों ने प्रशासन पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा चार से पांच लाइसेंस लेकर नौका संचालन किया जा रहा है जबकि गरीब नाविकों को एक ही लाइसेंस होने पर भी संचालन करने में परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है और छोटी-सी गलती पर उनकी नाव निकालने की कार्रवाई कर दी जाती है।