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वन परिक्षेत्र गुड़ी में हमलावर हुए अतिक्रमणकारी, मवेशी तक नहीं चरा पा रहे ग्रामीण

वन परिक्षेत्र गुड़ी के हीरापुर और नाहरमाल सर्किल में पेड़ों को काटकर खेती की जा रही है। अतिक्रमण कारी अब ग्रामीणों को भी जंगल में आने से रोकते हुए धमका रहे हैं। इससे परेशान ग्रामीणों ने जंगल को बचाने का बीड़ा उठाया है।

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मंगलवार को ग्राम हीरापुर और नाहरमाल से बड़ी संख्या में ग्रामीण बाइक रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने जंगल नहीं तो जीवन नहीं के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक सभी लोग नारेबाजी करते रहे। इसके पश्चात एसडीएम बजरंग बहादुर को ज्ञापन दिया। हीरापुर गांव में रहने वाले सुरेश यादव का कहना है कि अधिकांश अतिक्रमणकारी सेंधवा और बड़वानी के रहने वाले है। वे लगातार जंगल में अतिक्रमण कर रहे हैं। पेड़ों को काटकर जमीन को समतल कर खेती की जा रही है। अगर गांव से कोई व्यक्ति जंगल जाता है तो उसे धमकाकर भगा देते हैं। अब हालत यह हो गई है कि मवेशियों को भी चरने नहीं दिया जा रहा है। उन्हें भी खदेड़ रहे हैं।

ग्रामीणों को जंगल में घुसने नहीं दिया जा रहा

ग्रामीण विजेश पटेल और अर्जुन धार्वे ने बताया कि वन परिक्षेत्र गुड़ी के हीरापुर और नाहरमाल सर्किल में जंगल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अतिक्रमणकारी पेड़ों को काटकर नवाड़ बना रहे हैं। यहां बसने के साथ ही खेती की जा रही है। ग्रामीणों को जंगल में घुसने नहीं दे रहे। अतिक्रमणकारी इसलिए बैखौफ है कि उन्हें राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ है। वोट के लालच में पेड़ों की बली ली जा रही है। इधर वन विभाग भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है।

फैक्ट फाइल

– 3150 हेक्टेयर भूमि में हुआ था अतिक्रमण।

– 1950 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त।

– 1200 हेक्टेयर में अभी भी कब्जा।