खरगोन जिले के ग्राम भट्टयान बुजुर्ग में रहने वाले नानकदास पिता लक्ष्मण पंवार (25) की सगाई ग्राम अंदड़ निवासी अरुणा से हुई थी। नानकदास का कहना है की सगाई को तीन साल हो गए थे, लेकिन लड़की पक्ष शादी के लिए तैयार नहीं था। 4 फरवरी को दोनों सूरत से इंदौर पहुंचे और वैदिक संस्था में प्रेम विवाह कर विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
परिवार ने फोन कर ओंकारेश्वर बुलवाया
अरुणा के परिवार ने नानकदास को फोन किया था। दोनों को सामाजिक परंपरा से फेरे लेने के लिए ओंकारेश्वर बुलाया था। नवदंपति अपने दोस्तों को लेकर कार से शुक्रवार दोपहर में ओंकारेश्वर पहुंचे। यहां पहले से पुराने बस स्टैंड पर अरुणा के परिवार वाले और नानकदास के परिजन भी आ गए थे। यहां कार से उतरते ही युवती के परिवार ने उन पर हमला कर दिया। मारपीट कर चाकू से वार किए। घायल राजू पगारे ने बताया कि वह अपने दोस्त नानकदास की शादी में बराती बनकर आया था। लड़की के दोनों भाईयों ने मारपीट कर चाकू मारा। यहां बस स्टैंड पर उसे व राम हिरवे, दुल्हे नानकदास के गले पर चाकू मारा है।
दोस्तों ने सवारी वाहनों पर चढ़कर अपनी जान बचाई
इससे बस स्टैंड पर अफरा-तफरी मंच गई, साथ आए दोस्तों ने सवारी वाहनों पर चढ़कर अपनी जान बचाई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मारपीट करने वालों को हिरासत में लिया। घायलों का ओंकारेश्वर अस्पताल में प्राथमिक उपचार कर खंडवा रेफर किया। यहां से तीनों को भर्ती किया गया है। राम के पीठ में चाकू लगने से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।