जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े के खिलाफ जिपं के भाजपा, कांग्रेस समर्थित सदस्यों सहित सरपंच, सचिव ने भी मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को जिला पंचायत सामान्य प्रशासन विभाग की साधारण सभा में सभी सदस्यों ने बायकाट किया और कोई भी बैठक में नहीं पहुंचा। वहीं, सरपंच, सचिव संघ ने भी दो घंटे प्रदर्शन कर जिपं अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट और भाजपा कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
जिपं अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े लगातार विवादों में घिरती जा रही है। जिपं सीईओ, जनपद खंडवा सीईओ सहित कई अधिकारियों, कर्मचारियों पर जिपं अध्यक्ष द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कार्रवाई के मांग पत्र जारी किए गए है। जिपं अध्यक्ष की कार्यशैली से अधिकारी वर्ग में तो नाराजगी है ही, जिला पंचायत सदस्य भी नाराज है। जिसके चलते गुरुवार को साधारण सभा की बैठक में एक भी सदस्य उपस्थित नही हुआ। जिपं अध्यक्ष अपने कक्ष में अकेले बैठी रही। कोरम पूरा नहीं होने के कारण जिपं सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा द्वारा साधारण सभा की बैठक को स्थगित करना पड़ा।
भाजपा की परिषद, फिर भी विरोध
जिपं में भाजपा समर्थित परिषद है। कुल 16 सदस्यों में से 9 भाजपा, 6 कांग्रेस और 1 सदस्य निर्दलीय है। इसके बाद भी भाजपा समर्थित जिपं अध्यक्ष का विरोध हो रहा है। इसके पूर्व भी पिछले साल साधारण सभा की बैठक में एजेंडे को लेकर जिपं उपाध्यक्ष दिव्यादित्य शाह सहित भाजपा-कांग्रेस के सदस्यों ने भरी बैठक में जिपं अध्यक्ष का बहिष्कार कर दिया था। इसके पूर्व एक बार और कोरम पूरा नहीं होने से बैठक स्थगित हो चुकी है।
भाजपा समर्थित सरपंच भी खिलाफ
गुरुवार को मप्र सरपंच संघ और मप्र पंचायत सचिव, सहायक सचिव महासंघ भी जिपं अध्यक्ष के खिलाफ लामबंद हो गया। सरपंच, सचिव संघ ने स्टेडियम ग्राउंड में प्रदर्शन कर रैली निकाली और कलेक्ट्रेट में अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा को ज्ञापन सौंपा। सरपंच और सचिव संघ ने आरोप लगाया कि जिपं अध्यक्ष, उनके पति और निज सचिव द्वारा पंचायतों में निरीक्षण के नाम पर मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है और रुपए की मांग की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में भाजपा समर्थित सदस्यों की संख्या 300 से ज्यादा है। जिसके चलते भाजपा समर्थित सरपंचों ने भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम भी भाजपा कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर जिपं अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सदस्यों से कोई एजेंडा नहीं लिया जा रहा
कांग्रेस समर्थित जिपं सदस्य मनोज भरतकर, राजकुमारी नारायणसिंह तोमर ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं हो रहे है। जिपं अध्यक्ष अपनी मनमानी कर रही है, सदस्यों से कोई एजेंडा तक नहीं लिया जाता और बैठक बुला ली जाती है। बैठक में जाकर नाश्ता करने का कोई मतलब नहीं है। वहीं, भाजपा समर्थित जिपं सदस्य श्रीराम चौधरी ने बताया कि कभी कोई एजेंडा पूछा नहीं जाता, बैठक में जिपं अध्यक्ष अपनी मनमानी करतीं है, अपने खुद के एजेंडा लातीं हैं। कोई प्रस्ताव रखों तो स्वीकार नहीं किया जाता। ऐसे में बैठक में जाने से कोई मतलब ही नहीं है।
मेरे खिलाफ साजिश हो रही
पंचायतों में भ्रष्टाचार को उजागर किया तो अधिकारी, सरपंच-सचिवों पर दबाव बनाकर मेरे खिलाफ साजिश रच रहे है। जिपं की बैठक में कई सदस्य अपने व्यक्तिगत कार्य से नहीं आए है।
पिंकी सुदेश वानखेड़े, जिपं अध्यक्ष