सोमवार को सुबह से मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल के ए ब्लॉक के सामने आउट सोर्स कर्मचारी धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने तीन माह का वेतन, एरियर सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना था कि तीन ज्ञापन देने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके लिए आज उन्होंने सभी काम बंद कर दिए और हड़ताल शुरू कर दी। इससे कॉलेज और अस्पताल में बिजली व पानी सप्लाई की व्यवस्था गड़बड़ा गई। कॉलेज में सुबह से शाम पांच बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहा। प्रशासन ने बिजली कंपनी के कर्मचारी भी बुलाए लेकिन वे भी मशक्कत करते रहे। शाम पांच बजे हड़ताल खत्म होने के बाद आउट सोर्स कर्मचारियों ने ही सप्लाई शुरू किया। अस्पताल में जिला अस्पताल प्रशासन के कर्मचारियों ने व्यवस्था संभाली। इससे यहां अधिक परेशानी नहीं हुई।
बिना नतीजे खत्म हो गई थी बैठक
दोपहर में सिविल सर्जन के कक्ष में मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक डॉ. रणजीत बड़ोले, रोगी कल्याण समिति के सदस्य भाजपा नेता सतनाम सिंह होरा के साथ कर्मचारियों की बैठक हुई। बैठक में अधीक्षक डॉ. बड़ोले ने कर्मचारियों को काम पर रखने वाले एंजाइल कंपनी के प्रभारी को भी बुलाया। यहां चर्चा के दौरान कंपनी के प्रभारी और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। जिस पर रोकस के सदस्य होरा ने मध्यस्थता कर प्रभारी को कर्मचारियों से शालीनता से पेश आने के लिए कहा। डॉ बड़ोले ने कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए कहा। कहा कि उनकी समस्या को लेकर उच्च स्तर पर बैठक चली रही है, लेकिन कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे तक चली बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई।
चार दिन का दिया समय
शाम पांच बजे तक कंपनी के सभी कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। उनका प्रतिनिधित्व कर रहे कर्मचारी राहुल दमाड़े ने बताया कि 85 कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इसी को लेकर हड़ताल की है। शाम में हमें कलेक्टर की तरफ से आश्वासन दिया गया कि 4 दिन तक हड़ताल को रोक दो, सभी लोगों का वेतन मिल जाएगा। इसके बाद हमने हड़ताल खत्म कर दी है। मंगलवार से सभी कर्मचारी अपने कार्य पर लौट जाएंगे।