केंद्रीय बजट को लेकर पत्रिका द्वारा आयोजित प्रोफेशनल्स की परिचर्चा में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशनल्स ने अपनी अपेक्षाएं सामने रखी हैं। टैक्स व्यवस्था में स्थिरता, निवेश को प्रोत्साहन और युवाओं व महिलाओं के लिए रोजगारोन्मुखी योजनाओं की मांग प्रमुख रूप से सामने आई है। प्रोफेशनल्स का मानना है कि यदि इन सुझावों पर अमल किया गया, तो अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों को गति मिलेगी।
सैलरी क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाया जाए
12 लाख रुपये तक आयकर छूट सराहनीय कदम है, लेकिन सैलरी क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार से बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही कैपिटल गेन टैक्स और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसएसटी) में कमी से निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
सुमित जैन, चार्टेड एकाउंटेंट
कीमतों के उतार-चढ़ाव से लोगों के डिसिजन बदल जाते
मार्केट में कीमतों का बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव है, जिसके कारण उपभोक्ता सोचता है कि कम होने तक रुक जाऊ, तो बढ़ता जाता है। इससे लोगों की डिसिजन लेने की सोच बदलती जाती है। टैक्स हो या जीएसटी बजट के समय ही इसमें प्रावधान किया जाना चाहिए।
आकाश अग्रवाल, इंजीनियर
इम्पोर्ट ड्यूटी से व्यापार हो रहा प्रभावित
यूरोपीय देशों से हुए समझौते से एक्सपोर्ट को लाभ मिलेगा, लेकिन इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव से व्यापार प्रभावित हुआ है। इससे व्यापार पर असर पड़ा है। प्रोफेशनल्स और बिजनेस के लिए बजट में कुछ नया प्रावधान होना चाहिए।
साहिब सेठी, बिजनेसमैन
फ्री की योजनाओं की बजाए स्किल डेेवलेपमेंट बढ़े
महिलाओं को फ्री की योजनाओं के बजाए स्किल डेवलेपमेंट के कोर्स कराना चाहिए। उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वह आत्मनिर्भर हो सकें। अपने व्यवसाय के लिए महिलाओं को कम ऋण पर लोन उपलब्ध कराना चाहिए।
सुरभी अग्रवाल, आर्किटेक्ट
युवाओं को प्रोफेशनल फिल्ड में मिले मार्गदर्शन
युवाओं को प्रोफेशनल फील्ड में कदम रखते समय मार्गदर्शन और सीखने का अवसर मिलना चाहिए। सरकार को स्टार्टअप और नए व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए मेंटरशिप और सलाहकार व्यवस्था करनी चाहिए।
विष्णुप्रिया, आर्किटेक्ट