कुलपति से फोन पर आश्वासन मिलने के बाद धरना स्थगित
फीस कम नहीं होने पर फिर धरने की चेतावनी
बाडमेर। पीजी कॉलेज में सेमेस्टर फीस बढाने और स्कालरशिप से जुडे मुद्दों को लेकर छात्रों ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज के गेट पर ताला लगाकर परिसर में धरना दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले छात्र प्रदर्शन में शामिल हुए। छात्रों ने कॉलेज के अंदर व्याख्याताओं और प्राचार्य को प्रवेश नहीं करने दिया। करीब तीन घंटे तक धरना चला। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने फीस में तीन गुना वृद्धि कर दी है। छात्रों ने बताया कि पहले प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क 1200 से 1400 रुपये था। अब इसे बढाकर 3100 से 3300 रुपये कर दिया गया है। छात्रों ने इस निर्णय को अव्यवहारिक बताया। छात्रों ने कहा कि सामान्य तबके से आने वाले विद्यार्थी इतनी फीस नहीं भर सकते। यदि वे इतनी फीस देने में सक्षम होते तो निजी कॉलेज में प्रवेश ले लेते।
स्थिति को देखते हुए एसडीएम यशार्थ शेखर और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा को मौके पर आना पडा। कॉलेज और जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय के कुलपति से फोन पर बातचीत की। इसके बाद छात्रों को कुलपति की ओर से दो दिन में समाधान का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने पर छात्रों ने कॉलेज प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और धरना स्थगित कर दिया।
एबीवीपी के जिला पदाधिकारी महिपाल सिंह राठोड ने कहा कि दो सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के समय फीस बढाई गई थी। लेकिन एक साथ तीन गुना फीस बढाना गलत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से छात्रों की स्कालरशिप भी लंबित है। शिक्षा को व्यापार नहीं बनने दिया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में फीस कम नहीं की गई तो छात्र दोबारा धरना देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
धरना प्रदर्शन के कारण गुरुवार को सेमेस्टर की परीक्षा भी देरी से शुरू हुई। परीक्षा देने आई छात्राओं को भी इंतजार करना पडा।