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सिरोही

जिस गांव-शहर में गौ माता का अपमान और तिरस्कार होता है, वहां कभी सुख-शांति व समृद्धि नहीं आती

गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के लिए निकाली जा रही यात्रा सिरोही पहुंची

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सिरोही. जगतगुरु सिद्घाश्रम सोनीपत हरियाणा के पीतमपुरा से जगतगुरु संतोषी बाबा के नेतृत्व में गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू की गई गौमाता को गोद लेना है, महायात्रा गुरुवार को देवनगरी सिरोही पहुंची। इस दौरान जगतगुरु संतोषी बाबा ने कहा कि हमारे ग्रंथ, वेद और सनातन सिखाता है कि गांवो विश्वस्य मातरम लेकिन आज समाज के बीच सडक़ों पर विचरण करती बेसहारा गौ माता अपनी भूख मिटाने के लिए कचरा और प्लास्टिक खाकर बीमार और मरणासन्न स्थिति में जा रही है। गाय की होती दुर्दशा और चिंताजनक स्थिति पर मार्मिक पुकार और आह्वान करते हुए जगदगुरु संतोषी बाबा ने प्राचीन सनातन संस्कृति में गाय को दिए विशेष स्थान का उल्लेख करते हुए भोजन से पहले एक रोटी गाय के लिए प्रतिदिन और उसके आश्रय के लिए अपने धन का सदुपयोग करने की अपील की।

सिरोही के सरजावाव चौक में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए जगतगुरु बाबा ने कहा कि जिस गांव शहर में गौ माता का अपमान और तिरस्कार होता है, वहां कभी सुख, शांति व समृद्धि नहीं आती। संतोषी बाबा ने कहा कि यह ऐतिहासिक देवभूमि व वीरों की तपोस्थली है, यहां पशु-पक्षियों का हमेशा आदर किया गया है। जगतगुरु बाबा ने स्थानीय गौ भक्त अजय भट्ट के नेतृत्व में गौ सेवा संकल्प टीम सिरोही के गायों की सेवा में चलाए जा रहे अभियान की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए आमजन से भी सेवा कार्य में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की।

हरियाणा से शुरू होकर 27 हजार किमी की यात्रा के दौरान सिरोही पहुंचने पर गोरथ यात्रा का गौ भक्तों और गौ सेवा संकल्प टीम के युवाओं ने प्रमुख अजय भट्ट के नेतृत्व में यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान लोकेश खंडेलवाल, भूपेंद्र माली, भरत माली, शैलेंद्र खंडेलवाल, ललित प्रजापत, हिम्मत सगरवंशी, संजय कुम्हार, जितेंद्र, समुख प्रजापत, विक्रमसिंह केराल आदि ने तलवार भेंट कर शॉल, साफा व माल्यार्पण कर बाबा का स्वागत किया। इस मौके पर हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय भाइयों और बहनों ने भी माल्यार्पण किया।