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16 फीट ऊंचे, 600 किलो वजन के अखंड शक्ति त्रिशूल के अहमदाबाद में दर्शन आरंभ

बनासकांठा जिला कलक्टर मिहिर पटेल ने किया शुभारंभ, उप महापौर जतिन पटेल रहे उपस्थित अहमदाबाद. पालनपुर. बनासकांठा जिले के अंबाजी में त्रिशूलिया घाट पर स्थापित होने वाले 16 फीट ऊंचे व 600 किलो वजन के अखंड शक्ति त्रिशूल के दर्शन शनिवार को अहमदाबाद में आरंभ हुए।बनासकांठा जिला कलक्टर सह श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट […]

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बनासकांठा जिला कलक्टर मिहिर पटेल ने किया शुभारंभ, उप महापौर जतिन पटेल रहे उपस्थित

अहमदाबाद. पालनपुर. बनासकांठा जिले के अंबाजी में त्रिशूलिया घाट पर स्थापित होने वाले 16 फीट ऊंचे व 600 किलो वजन के अखंड शक्ति त्रिशूल के दर्शन शनिवार को अहमदाबाद में आरंभ हुए।
बनासकांठा जिला कलक्टर सह श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट के चेयरमैन मिहिर पटेल ने अहमदाबाद के वटवा में श्रद्धालुओं के लिए अखंड शक्ति त्रिशूल के दर्शन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अहमदाबाद के उप महापौर जतिन पटेल भी उपस्थित थे।


उत्तरकाशी की 1500 वर्ष पुरानी परंपरा से प्रेरित

यह त्रिशूल उत्तरकाशी में स्थित 1500 वर्ष पुराने त्रिशूल की प्रतिकृति है। इसे आगामी दिनों में अंबाजी के प्रसिद्ध त्रिशूलिया घाट पर स्थापित किया जाएगा। कलक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि यह स्थान पैदल आने वाले भक्तों के लिए कठिन रहा है और यहांं दुर्घटनाएं भी होती रही हैं। ऐसे में उत्तरकाशी के त्रिशूल की प्रतिकृति यहाँ स्थापित करने का विचार अहमदाबाद के जय भोले ग्रुप ने प्रस्तुत किया। ग्रुप ने उत्तरकाशी के महंत से अनुमति प्राप्त कर इस कार्य को आगे बढ़ाया।

धार्मिक जागृति का नया केंद्र बनेगा त्रिशूलिया घाट

उप महापौर जतिन पटेल ने कहा कि जिस स्थान को पहले दुर्घटना क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, उस त्रिशूलिया घाट पर इस त्रिशूल की स्थापना से यह स्थल अब पवित्र दर्शन केंद्र और धार्मिक जागृति का नया केंद्र बनेगा।

पौराणिक महत्व

जय भोले ग्रुप के दीपेश पटेल ने बताया कि यह त्रिशूल पौराणिक महत्व वाला है। पुराणों के अनुसार, भगवान शिव की ओर से अर्पित इसी शक्ति त्रिशूल से देवी ने मैसूर में महिषासुर का वध किया था और बाद में इसे उत्तरकाशी में स्थापित किया। उसी परंपरा को जीवंत करने और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को सुदृढ़ करने के लिए अंबाजी के त्रिशूलिया घाट पर यह त्रिशूल स्थापित किया जा रहा है।

आज से दर्शन

यह दिव्य त्रिशूल 18 से 21 जनवरी तक अहमदाबाद के वटवा में अपराह्न 3 बजे से रात 8 बजे तक दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा।