
बजट की उम्मीदों को लेकर हुए टॉक शो में मौजूद लोग। फोटो: पत्रिका
अलवर। राजस्थान का बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा। इस बार पंचायत और निकाय चुनाव हैं, ऐसे में उम्मीद है कि सरकार कई लोक-लुभावन घोषणाएं करेंगी। अलवर भी बजट से कई उम्मीदें लगाकर बैठा है। खासकर संभाग का दर्जा देने की मांग फिर उठी है।
इसके अलावा सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और ईको व धार्मिक पर्यटन के रूप में अलवर जिले को विकसित करने की भी लोगों ने मांग की है। राजस्थान पत्रिका की ओर से बजट की उम्मीदों को लेकर एक टॉक शो कराया गया, जिसमें लोगों ने खुलकर जिले के विकास की मांग रखी।
अलवर बहुत बड़ा जिला है। तकनीकी शिक्षा की तरफ रुझान बढ़ रहा है। इसे देखते हुए यहां एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज की घोषणा होनी चाहिए। जेल चौराहे पर जो सरकारी मेडिकल कॉलेज है, उसमें स्टाफ की कमी को दूर किया जाए।
-देशराज चौधरी, काला कुआं
शहर में पानी की समस्या बरसों से बनी हुई हैं। कई सरकारें आईं, पर पानी की समस्या का निदान नहीं हो पाया है। बजट में पानी की समस्या को खत्म करने के लिए अलग से घोषणाएं होनी चाहिए। साथ ही रोजगार को लेकर भी सरकार घोषणा करे।
-राजकुमार, गोपाल टाकीज
राइट टू एम्प्लाॅइमेंट ही समय की सबसे बड़ी मांग हैं। सबको रोजगार का अधिकार मिलना चाहिए। रोजगार मिलेगा तो हर व्यक्ति और हर परिवार सशक्त होगा। इससे गरीब व अमीर के बीच गहरी हो रही खाई भी कम होगी।
-धर्मेंद्र चौधरी, अलवर
शहर में सबसे बड़ी समस्या सीवरेज और सफाई की है। निकायों को भरपूर बजट मिलना चाहिए, ताकि इन समस्याओं का स्थाई समाधान हो जाए। इससे अधिकारी भी यह जवाब नहीं दे सकेंगे कि काम नहीं करवा सकते, पैसा नहीं है।
-विमला, काला कुआं
अलवर दोनों राजधानियों के बीच स्थापित है। यहां बहुत सी धार्मिक स्थल हैं, इसलिए इसे धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। सरिस्का को नेशनल पार्क और अलवर को संभाग का दर्जा मिलना बहुत जरूरी है।
-राजेश कृष्ण सिद्ध, मोहल्ला लादिया
Published on:
07 Feb 2026 11:18 am
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