EV Showroom Fire: आग लगने के बाद शोरूम के ऊपर बने होमस्टे में ठहरे करीब 20 लोग धुएं के बीच फंस गए। उन्हे दूसरी बिल्डिंग से सीढ़ी लगाकार रेस्क्यू किया गया।
EV Showroom Fire: देश में लगातार इमारतों में आग लगने की खबरें सामने आ रही है। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। ऐसी ही स्थिति शुक्रवार सुबह मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की स्कीम-136 में बन गई। यहां इलेक्ट्रिक वाहनों के शोरूम (EV Showroom) में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगने के बाद शोरूम के ऊपर बने होमस्टे में ठहरे करीब 20 लोग धुएं के बीच फंस गए। उन्हे दूसरी बिल्डिंग से सीढ़ी लगाकार रेस्क्यू किया गया। आग लगने के कारण की जांच में पुलिस जुट चुकी है।
जानकारी के अनुसार सुबह रहवासियों ने बिल्डिंग से घना धुआं निकलते देखा। धुआं लगातार ऊपर की ओर फैल रहा था और होमस्टे में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे। स्थिति गंभीर होती देख स्थानीय लोग खुद ही रेस्क्यू में जुट गए। उन्होंने आसपास से सीढ़ियां और रस्सियां जुटाई और बिल्डिंग के कांच तोड़ना शुरू कर दिए ताकि धुआं बाहर निकल सके। कांच टूटते ही अंदर भरा धुआं बाहर निकलने लगा और फंसे लोगों को कुछ राहत मिली। इसके बाद रहवासियों ने सीढ़ियों के सहारे लोगों को नीचे उतारना शुरू किया। शुरुआती प्रयास में कई लोग सुरक्षित बाहर आ गए। घटना के दौरान पास की मल्टी में रहने वाले लोग भी मदद के लिए आगे आए। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते बचाव शुरू नहीं किया जाता तो हालात गंभीर हो सकते थे। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी नरेंद्र ने भी बचाव अभियान में भूमिका निभाई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग शांत होने के बाद ऊपर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। दमकल अधिकारियों के अनुसार आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि ईवी शोरूम में मौजूद सभी वाहन जलकर खाक हो गए। वाहनों के जलने से उठे धुएं से रहवासियों को सांस लेने में दिक्कत हुई। मामले को एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह का कहना है।
बता दें कि, पिछले महीने 14 मई को देवास जिले में भी ऐसी घटना ने लोगों को हिला दिया था। जिले के टोंक कलां क्षेत्र स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट होने से भीषण आग लग गई थी। इस घटना में 3 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं, पांच मजदूरों की मौत इलाज के दौरान हो गई थी।