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गर्मी से पहले होना था जीएसएस का निर्माण, कार्यदायी एजेंसी ने मांगा 30 मई तक समय

सिस्टम ओवरलोड, गर्मी में बढ़ेंगे फॉल्ट ट्रिपिंग

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गर्मी से पहले होना था जीएसएस का निर्माण, कार्यदायी एजेंसी ने मांगा 30 मई तक समय

गर्मी से पहले होना था जीएसएस का निर्माण, कार्यदायी एजेंसी ने मांगा 30 मई तक समय


भिवाड़ी. आरडीएसएस योजना के तहत बिजली निगम के भिवाड़ी सर्किल में बड़े पैमाने पर काम होने हैं लेकिन ये सभी काम तय अवधि की देरी से चल रहे हैं। गर्मी आ चुकी है। कार्यदायी एजेंसी का काम देरी से होने की वजह से गर्मियों में फॉल्ट, ट्रिपिंग और अधिक भार की समस्या रहने वाली है। मंगलवार को भी बिजली निगम और कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें कार्यदायी एजेंसी ने 33 केवी के चौपानकी, खुशखेड़ा जीएसएस का निर्माण करने के लिए 31 मई तक का समय मांगा है। सेक्टर नौ स्थित 33 केवी जीएसएस, ढावा कॉम्पलेक्स, चौपानकी, पथरेड़ी, मिलकपुर जीएसएस से 11 केवी के जो नए फीडर खिंचने हैं उनके लिए भी 31 मई तक का समय मांगा गया है।
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सिस्टम चला रहा ओवरलोड
निगम ने आरडीएसएस योजना में जो काम चिन्हित किए थे, वह बहुत जरूरी हैं। जिन क्षेत्र में जीएसएस का निर्माण होना है उनमें सिस्टम पर अत्यधिक भार है। इसकी वजह से फॉल्ट और ट्रिंपिंग की समस्या आती है। अगर इन जीएसएस का निर्माण समय पर होता है और फीडर समय पर खींचे जाते हैं तो इससे निगम का वितरण तंत्र मजबूत होता। योजना के तहत प्रस्तावित काम से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में 60 से 70 प्रतिशत तक सुधार आएगा। ओवरलोड की वजह से तार नहीं टूटेंगे। तार टूटने से होने वाली दुर्घटना कम होगी।
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सर्किल में ये काम होने हैं
45 किमी क्षेत्र में एबी केबलिंग का काम होगा। 530 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। 83 किमी भूमिगत केबल बिछाई जाएगी। 11 केवी के 67 फीडर का निर्माण होगा। 33 केवी के 15 फीडर का निर्माण होगा। 33 केवी के चार जीएसएस का निर्माण होगा।
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चौपानकी खुशखेड़ा के जीएसएस का सामान आने वाला हैं। गर्मी के अनुसार जो फीडर हैं उनको प्राथमिकता से कराया जाएगा। प्रोजेक्ट में बहुत काम हो रहे हैं। किसी विशेष क्षेत्र में काम शुरू नहीं होने को देरी नहीं माना जा सकता।
सृष्टि वसवाल, एक्सईएन, आरडीएसएस