
MP news: भोपाल के एक रिहायशी इलाके में वर्षों से खड़ा हाईटेंशन टावर अब स्थानीय लोगों को एफिल टावर और सड़क एक बड़ा गंभीर खतरा लगने लगी है। दरअसल स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके वार्ड में एफिल टावर सा नजर आने वाला यह टावर कई सालों से खड़ा है। पहले आसपास कोई घनी आबादी नहीं थी, लेकिन समय के साथ यहां लगातार बसावट बढ़ती गई। अब स्थिति ये है कि बड़ी संख्या में परिवार इस क्षेत्र में रहने लगे हैं। ऐसे में इस हाईटेंशन टावर का खतरा अब और भी बढ़ गया है। इससे जोखिम कई गुना बढ़ गया है।
रहवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। टावर के नीचे से बड़ी गाड़ियां नहीं निकल पातीं और हाईटेंशन लाइन से करंट फैलने का डर हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि जरा सी चूक या तकनीकी खराबी अचानक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी है, ऐसे में इस तरह का खतरा प्रशासनिक लापरवाही की इंतिहा दिखाता है। रहवासियों का कहना है कि सरकार को हाईटेंशन लाइन और टावर जैसे संवेदनशील ढांचों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। लोगों की मांग है कि टावर और हाईटेंशन लाइन दोनों को ही किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, बिजली कंपनी भी इस टावर को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के प्रयास में जुटी रही है। इस मुद्दे पर कई बार बैठकों और चर्चाओं का दौर चल चुका है, लेकिन अब तक न तो टावर हट पाया है और न ही हाईटेंशन लाइन शिफ्ट की गई है। नतीजा यह है कि खतरा जस का तस बना हुआ है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर टावर सुर्खियों में आ गया है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अब प्रशासन और बिजली कंपनी इस पर गंभीरता से कार्रवाई करेगी, ताकि किसी अनहोनी से पहले समाधान निकाला जा सके।
वहीं रहवासियों की स्पष्ट मांग है कि जनसंख्या के बीच खड़े इस हाईटेंशन टावर को जल्द से जल्द हटाया जाए या किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि आम लोगों की जान का जोखिम जल्द दूर किया जा सके।
Published on:
10 Feb 2026 12:22 pm
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