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महिला अपराधों को सुलझाने में पाली पहले और बीकानेर पुलिस दूसरे पायदान पर

पुलिस की परफोर्मेंस : महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में आई कमी

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महिला अपराधों को सुलझाने में पाली पहले और बीकानेर पुलिस दूसरे पायदान पर

महिला अपराधों को सुलझाने में पाली पहले और बीकानेर पुलिस दूसरे पायदान पर

जयप्रकाश गहलोत/बीकानेर. महिलाओं के घटित होने वाले अपराधों में कमी लाने और ऐसे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में प्रदेश में पाली पहले और बीकानेर पुलिस दूसरे पायदान पर रही है। दोनों जिलों की पुलिस पीडि़त महिला को न्याय दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने के साथ मामले में अनुसंधान कर ठोस साक्ष्य के साथ कोर्ट में चालान पेश करने में आगे रही है। इसके साथ ही महिलाओं से होने वाले अपराधों में भी कमी लाने के लिए किए प्रयास भी कारगर साबित हुए है।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अपराधिक दर्ज मामलों के निस्तारण और परिवाद की संतुष्टि के आधार पर प्रदेश के जिलों की रेंकिंग जारी की है। इसमें पाली पुलिस महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों का 85.79 प्रतिशत निस्तरण और इससे 85 फीसदी संतुष्टि रेट के साथ पहले स्थान पर है। बीकानेर पुलिस का मामलों के निस्तारण का प्रतिशत पाली जिले से भी ज्यादा 88.07 प्रतिशत है। परन्तु परिवादी की संतुष्टि रेट 72.99 प्रतिशत रहने से ऑलओवर दूसरे स्थान पर रहा है। इसके साथ ही परफोर्मेंस में टॉप टेन जिलों में तीसरे स्थान से क्रमश: जोधपुर सिटी ईस्ट, चूरू, धोलपुर, अनूपगढ़, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, जैसलमेर और भरतपुर जिले रहे हैं।

यहां संतुष्टि का प्रतिशत 15 से 30 फीसदी

दूसरी तरफ इस रिपोर्ट में महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामले में पुलिस कार्रवाई से संतुष्टि का प्रतिशत कम रहने वाले जिलों में जालोर, बांसवाड़ा, सांचोर, नीम का थाना, उदयपुर, ब्यावर, अजमेर, दूदू जैसे जिलों के साथ टॉप टेन में जयपुर साउथ और ईस्ट भी शामिल है। यहां पर संतुष्टि का प्रतिशत 15.25 से लेकर 31 प्रतिशत के बीच हैं।

राजधानी में हालत ठीक नहीं

जिन जिलों ने रेप की शिकायत पर तुरंत सक्रियता, पोक्सो की जांच पूरी करने में तत्परता दिखाई और अपराधियों को सजा दिलाई वह टॉप में रहे। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की राजधानी जयपुर की पुलिस इस मामले में बेहतरीन परफोर्मेंस नहीं दे पाई। मसलन रिपोर्ट में जयपुर नॉर्थ 15वें, जयपुर ग्रामीण 20वें, जयपुर पश्चिम 44वें, जयपुर पूर्व 50वें और जयपुर दक्षिण 53वें स्थान पर हैं। इस रेंकिंग में जीआरपी जयपुर और जीआरपी अजमेर शामिल नहीं की गई हैं। केवल राजस्थान पुलिस के निर्धारित 56 जिलों के हिसाब से यहां बताया गया है।

जानिए कहां कितने मामले

साल 2023 में पाली जिले में बलात्कार के 183 मामले दर्ज हुए। इनमें से 179 का निस्तारण किया गया। पोक्सो एक्ट में दर्ज 102 मामलों में से 98 का निस्तारण पुलिस ने किया। बीकानेर जिले में बलात्कार और पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज 371 मामलों में से 362 का निस्तारित किया जा चुका है। जिले का मुकदमा निस्तारण प्रतिशत 88.07 रहा है।

एक नजर ...साल 2023 महिलाओं संबंधी अपराधों पर

- प्रदेश में पोक्सो के 4221 मामले- प्रदेश में बलात्कार के 8050 मामले

- पाली में बलात्कार के 183 मामले- पाली में पोक्सो के 102 मामले

- बीकानेर में पोक्सो के 140 मामले- बीकानेर में बलात्कार के 231 मामले

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कार्रवाई में अव्वल जिले (आंकड़े प्रतिशत में)

- जिला - डिस्पोजल - कम्पलेंस

संबंधित खबरें

- पाली - 85.79 - 83.80

- बीकानेर - 88.07 - 72.99

- जोधपुर सिटी ईस्ट - 92.06 - 71.93

- चूरू - 89.39 - 71.79

- धोलपुर - 85.96 - 69.34 (प्रतिशत में)

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कार्रवाई में फिसड्डी जिले (आंकड़े प्रतिशत में)

- जिला - डिस्पोजल - कम्पलेंस

- जयपुर सिटी साऊथ - 63.10 - 21.33

- सांचौर - 61.43 - 19.35

- बांसवाड़ा - 79.22 - 16.30

- जालौर - 70.77 - 15.25

सबकी मेहनत रंग लाई

महिला व बच्चों के संबंधी अपराधों को त्वरित निस्तारण करना पुलिस की प्राथमिकता में है। महिला अपराध व पोक्सो मामलों में गंभीरता बरतते हुए त्वरित निस्तारण करवाया। कई केसों को ऑफिसर स्कीम में लेकर निस्तारण किया। इसकी बदौलत जिला प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहा है।

तेजस्वनी गौतम पुलिस अधीक्षक बीकानेर