
सोने चांदी के भाव। ( फोटो: AI)
Record High: शादियों के सीजन में (Wedding Jewellery) वर-वधू पक्ष सोने चांदी के भाव को लेकर बहुत चिंतित हैं। भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में आज का दिन बहुत चौंकाने वाला साबित हुआ है। बजट 2026 के बाद बाजार खुलते ही एमसीएक्स (MCX Live) पर ऐसी तेजी दिखी, जिसे देख कर बड़े-बड़े विश्लेषकों के भी होश उड़ गए। इसे बाजार की भाषा में 'तेजी' नहीं बल्कि 'सुनामी' कहा जा रहा है। एमसीएक्स के ताजा आंकड़ों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। आज सोने की कीमतों (Gold Price Today) में एक ही दिन में 8,000 रुपये की भारी भरकम तेजी दर्ज की गई। इस उछाल के साथ घरेलू वायदा बाजार में आज एमसीएक्स पर 10 ग्राम सोने का भाव 1 लाख 39 हजार रुपये ऊंचाई के स्तर पर पहुंच गया है। लेकिन असली खेल चांदी में हुआ है। ट्रेडर्स के लिए सूचना यह है कि चांदी ने एक ही सत्र में 33,000 रुपये की छलांग लगाई है। अब एक किलो चांदी (Silver Rate )खरीदने के लिए आपको 2 लाख 67 हजार रुपये चुकाने होंगे। जो लोग सोना चांदी खरीदना चाहते हैं उनके लिए ताजा जानकारी के अनुसार गुड रिटर्न्स पर 22 कैरेट गोल्ड की कीमत करीब 1.4 लाख प्रति 10 ग्राम देखी गई है। साथ ही चांदी की कीमत 2,80,000 के करीब दिखाई दी है।
इस भीषण तेजी के पीछे दो मुख्य वजहें मानी जा रही हैं। पहला, हालिया बजट में सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स स्ट्रक्चर में किया गया बदलाव। सरकार फिजिकल गोल्ड (भौतिक सोना) के आयात को कम करके डिजिटल एसेट्स को बढ़ावा देना चाहती है, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव पड़ा है। दूसरा कारण वैश्विक है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की आहट और दुनिया भर में चल रहे युद्ध के तनाव (Geopolitical Tension) के कारण निवेशक शेयर बाजार छोड़ सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी में पैसा लगा रहे हैं।
प्रवासी भारतीयों के मन में यह सवाल है कि क्या इस भाव पर भारत से जेवरात खरीदना सही है? विशेषज्ञों की राय में, अब भारत से सोना खरीदना 'जेब पर भारी' पड़ सकता है। भारत में कस्टम ड्यूटी और जीएसटी जुड़ने के बाद सोना दुबई या अमेरिका के मुकाबले 15-20% महंगा पड़ रहा है।
एनआरआई केवल तभी खरीदारी करें जब उन्हें भारत की पारंपरिक या 'हैंडमेड ज्वेलरी' चाहिए, जो विदेशों में नहीं मिलती। शुद्ध निवेश (Pure Investment) के नजरिए से अभी भारत में खरीदारी करना समझदारी नहीं होगी।
भारत में शादियों का सीजन चल रहा है और ऐन मौके पर आई इस तेजी ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। 1.40 लाख के करीब पहुंचा सोना अब मध्यम वर्ग की पहुंच से दूर होता जा रहा है। ज्वैलर्स का मानना है कि लोग अब भारी जेवरात की जगह हल्के वजन (Light Weight) वाली ज्वेलरी पर शिफ्ट होंगे।
ज्वैलर्स एसोसिएशन: सर्राफा व्यापारियों में डर है कि ग्राहक अब दुकानों से दूर हो जाएंगे। उनका कहना है कि "इतने महंगे भाव पर कोई भी मध्यम वर्गीय परिवार सोना खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा।"
पुराने निवेशक: जिन लोगों ने 6 महीने या साल भर पहले निवेश किया था, वे आज सबसे ज्यादा खुश हैं। उनके पोर्टफोलियो में रातों-रात लाखों का मुनाफा जुड़ गया है।
क्लोजिंग बेल: क्या बाजार बंद होते-होते चांदी 2.70 लाख का आंकड़ा छू लेगी या मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण दाम नीचे आएंगे?
अमेरिकी बाजार: आज रात जब अमेरिकी बाजार (Comex) खुलेगा, तो वहां सोने की चाल कैसी रहती है, यह कल के भारतीय बाजार की दिशा तय करेगा।
आर्टिफिशियल और रेंटल ज्वेलरी का बूम सोने-चांदी की इन आसमान छूती कीमतों का सीधा फायदा 'इमिटेशन ज्वेलरी' (Imitation Jewellery) मार्केट को मिलेगा।
अब शादियों में दुल्हनें असली सोने के बजाय 'गोल्ड प्लेटेड' या 'किराये के गहनों' (Rental Jewellery) को प्राथमिकता देंगी।
चांदी के बर्तन, जो कभी आम गिफ्ट आइटम हुआ करते थे, अब 2.67 लाख रुपये प्रति किलो के भाव के साथ 'लग्जरी आइटम' की श्रेणी में आ गए हैं। इससे स्टील और क्रॉकरी गिफ्टिंग का चलन बढ़ेगा।
Published on:
03 Feb 2026 04:12 pm
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