
जिला उद्योग व व्यापार केंद्र
जिले में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए बड़ी पहल शुरू हो गई है। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र छतरपुर ने बताया कि पठापुर और धामची की अविकसित भूमि अब औद्योगिक प्रयोजन के लिए ऑनलाइन आवंटन हेतु विभागीय पोर्टल पर प्रदर्शित की गई है। ग्राम पठापुर में कुल रकबा 29.545 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। वहीं ग्राम धामची में कुल रकबा 17.554 हेक्टेयर अविकसित भूमि आवंटन होना है।
यह कदम विशेष रूप से लकड़ी और उससे जुड़े उद्योगों के लिए अहम माना जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत छतरपुर को वुडन फर्नीचर क्लस्टर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। इसका मकसद जिले के लकड़ी कारीगरों, छोटे उद्योगपतियों और फर्नीचर कारोबारियों को संगठित करना और आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करना था।
फर्नीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा ने बताया कि वुडन क्लस्टर शुरू होने पर लगभग 1200 स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है। कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनने से छोटे कारीगर आधुनिक मशीनों और तकनीक का लाभ उठाकर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा सकते हैं। उनका कहना है, छतरपुर देश के प्रमुख फर्नीचर हब के रूप में उभर सकता है और स्थानीय कारीगरों की आय भी बढ़ेगी।
पहले नारायणपुरा रोड पर 73 एकड़ जमीन चिन्हित थी, लेकिन व्यापारियों ने इसे औद्योगिक उपयोग के लिए अनुपयुक्त बताया। इसके बाद धामची गांव में 43 एकड़ जमीन फोरलेन हाईवे के पास चिन्हित की गई, जो लॉजिस्टिक और परिवहन के लिहाज से सुविधाजनक है। अब निवेशक उद्योग लगाने की प्रक्रिया में जुट गए हैं।
महाप्रबंधक ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन 16 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक पर आमंत्रित किए जाएंगे। आवेदन केवल मध्यम श्रेणी के उद्योगों के लिए मान्य होंगे, जिनमें संयंत्र और मशीनरी में निवेश 25 करोड़ से 125 करोड़ रुपये और वार्षिक टर्नओवर 500 करोड़ रुपये तक हो। आवेदन शुल्क 50000 रुपये और प्रीमियम राशि का 25 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य है।
इस पहल से न केवल औद्योगिक निवेश बढ़ेगा बल्कि लकड़ी संसाधन और निर्माण सामग्री उद्योगों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और युवा अपने गांव में रोजगार पाकर शहरों की ओर पलायन कम करेंगे।
स्थानीय फर्नीचर उद्योगपति रामेश्वर कुमावत ने कहा, क्लस्टर शुरू होने से हमें राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पाद बेचने और टैक्स रियायत का फायदा मिलेगा। इससे छोटे कारीगर भी आधुनिक मशीनरी का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस नई पहल से छतरपुर जिले में औद्योगिक निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था में मजबूती की उम्मीद बढ़ गई है। निवेशकों से अनुरोध किया गया है कि वे समय पर आवेदन कर औद्योगिक विकास में भागीदार बनें।
फैक्ट फाइल
घोषणा वर्ष: 2019
पठापुर – 29.545 हेक्टेयर
धामची – 17.554 हेक्टेयर
संभावित रोजगार: करीब 1200 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार
संयंत्र व मशीनरी – 25 करोड़ से 125 करोड़ रुपये
वार्षिक टर्नओवर – अधिकतम 500 करोड़ रुपये
Published on:
16 Jan 2026 10:35 am
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