2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फर्जी आयकर अधिकारी बनकर ज्वेलर्स से वसूली: चार आरोपियों को 10-10 साल की सजा

खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर ज्वेलर्स को डराने-धमकाने और वसूली करने के मामले में विशेष सत्र न्यायालय, ग्वालियर ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह न केवल धोखाधड़ी का गंभीर मामला है, बल्कि सरकारी संस्थाओं की साख से खिलवाड़ भी है, इसलिए […]

less than 1 minute read
Google source verification

खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर ज्वेलर्स को डराने-धमकाने और वसूली करने के मामले में विशेष सत्र न्यायालय, ग्वालियर ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह न केवल धोखाधड़ी का गंभीर मामला है, बल्कि सरकारी संस्थाओं की साख से खिलवाड़ भी है, इसलिए आरोपियों को किसी भी तरह की नरमी नहीं दी जा सकती। चार आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि कूटरचित दस्तावेजों का निर्माण और उनका असली के रूप में उपयोग केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि लोक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सीधा हमला है। इस तरह के मामलों में यदि नरमी बरती जाए तो आम नागरिकों का कानून और प्रशासन से भरोसा उठ जाएगा।

मामला 21 अक्टूबर 2019 का है। फरियादी कमल किशोर सोनी की घाटीगांव स्थित ज्योति ज्वेलर्स दुकान पर चार युवक पहुंचे। उन्होंने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताते हुए दुकान और घर की तलाशी ली। आयकर चोरी का डर दिखाकर उन्होंने पहले 50 हजार रुपए नकद वसूल किए और शेष रकम बाद में देने का दबाव बनाया। बाद में फरियादी की शिकायत घाटीगांव थाना पुलिस थाने में की। पुलिस ने मामले की जांच की। आदित्य सोनी, भूपेंद्र सिंह कुशवाह, इस्माइल खान, गुरजीत सिंह उर्फ जिमी सरदार, देविका सोनी को आरोपी बनाया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। कोर्ट ने देविका सोनी को फरार घोषित किया, जबकि शेष चार आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। चारों आरोपियों पर 9-9 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।