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‘भाई नहीं कर सकता था सुसाइड’, एमबीबीएस टॉपर की बहन के गंभीर आरोप

Indore MBBS Student Suicide: एमबीबीएस छात्र खुदकुशी मामले में बहन और परिजनों का बड़ा खुलासा

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Indore MBBS Student Suicide Case

Indore MBBS Student Suicide Case(photo patrika)

Indore MBBS Student Suicide: एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डॉ. अंबेडकर बॉयज होस्टल में प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्र अंतरिक्ष (21) की खुदकुशी के मामले में परिजनों ने चुप्पी तोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की बहन और पिता का कहना है कि अंतरिक्ष को कॉलेज और होस्टल में लगातार बुलिंग और रैगिंग का सामना करना पड़ रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। परिजन आत्महत्या की परिस्थितियों पर भी सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

एमबीबीएस छात्र खुदकुशी केस पर बड़ा अपडेट

परिजन बोले- इतना कमजोर नहीं था कि खुदकुशी कर ले, बेटा कहता था- इंदौर का कॉलेज लेकर पछता रहा हूं मृतक की बहन ने एमजीएम कॉलेज के डॉ. आंबेडकर बॉयज होस्टल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अंतरिक्ष पहले ही बता चुका था कि होस्टल के नियमों के अनुसार कोई भी जूनियर छात्र अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद नहीं कर सकता। बावजूद घटना के समय उसका कमरा अंदर से बंद मिला, जो संदेह पैदा करता है।

परिजनों का आरोप है कि उन्हें बताया गया कि अंतरिक्ष ने बाल्टी पर चढ़कर फंदा लगाया, लेकिन बाल्टी उसी स्थान पर रखी मिली और वह गिरी भी नहीं थी। कमरे में पंखा भी सामान्य स्थिति में था, किताबें बिखरी हुई थीं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि दरवाजा बंद था तो किसी ने समय रहते उसे क्यों नहीं देखा।

'प्रोफेसर और सीनियर मिले हुए हैं, यहां कोई सुनवाई नहीं होती'

परिजनों के अनुसार, अंतरिक्ष पढ़ाई में बेहद होशियार था। उसने तीन साल की मेहनत के बाद नीट परीक्षा पास की थी और मध्यप्रदेश में टॉपर रहा। ग्वालियर के बजाय उसने इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज को चुना था। बहन ने बताया कि कॉलेज ज्वाइन करने के बाद जब अंतरिक्ष पहली बार घर आया, तो उसने कहा था, 'मैंने गलती कर दी, इंदौर का कॉलेज लेकर पछता रहा हूं।' उसने बताया था कि कॉलेज में उसे चेहरा, हाइट और नाम को लेकर चिढ़ाया जाता है, जिससे वह आहत रहता था। जब परिवार ने उसे प्रोफेसर से शिकायत करने की सलाह दी, तो वह कहता था कि प्रोफेसर और सीनियर मिले हुए हैं, यहां कोई सुनवाई नहीं होती।

घटना से पहले वीडियो कॉल, डर के माहौल का दावा

बहन के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर करीब 12 बजे अंतरिक्ष ने वीडियो कॉल किया, लेकिन कोई कॉल नहीं उठा पाया। दोपहर 3.20 बजे उसने फिर वीडियो कॉल किया और मां से बात की। बातचीत के दौरान उसने बताया कि कॉलेज में उस दिन आंत को डिसेह्ट करना सिखाया गया। परिजनों का कहना है कि वीडियो कॉल के दौरान अंतरिक्ष कैमरे की ओर नहीं देख रहा था और ऐसा लग रहा था कि उसके सामने कोई खड़ा है। वह कुछ कहना चाहता था, लेकिन डर के कारण खुलकर बात नहीं कर पा रहा था। इसके कुछ ही घंटों बाद शाम को उसकी मौत की सूचना मिली।

चौथी मंजिल पर नहीं लगे कैमरे, साक्ष्य से छेड़छाड़ का शक

अंतरिक्ष का कमरा होस्टल की चौथी मंजिल पर था। बहन का आरोप है कि वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, जबकि तीसरी मंजिल पर कैमरे मौजूद हैं। ऐसे में दोपहर साढ़े तीन बजे से शाम के बीच उसके कमरे में कौन आया, इसका पता लगाना मुश्किल है। परिवार को आशंका है कि यदि कोई छात्र उसे परेशान करने कमरे में आया होगा, तो उससे जुड़े साक्ष्य अब तक हटाए जा चुके होंगे।

पैसों की मांग और हालिया घटनाएं

परिजनों ने बताया कि अंतरिक्ष ने हाल ही में नया मोबाइल खरीदा था और दोस्तों को पार्टी भी दी थी। 26 जनवरी के कार्यक्रम में उसने साथियों के साथ तस्वीरें भी ली थीं। घटना वाले दिन भी वह परिवार से खर्चे के लिए पैसे मांग रहा था, जिससे परिजनों को यह विश्वास नहीं हो रहा कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है।

पुलिस जांच जारी, जल्द होंगे परिजनों के बयान

संयोगितागंज थाना टीआइ कृष्णपाल सिंह यादव ने बताया कि मामले में मृतक छात्र के परिजनों के बयान जल्द दर्ज किए जाएंगे। जलत किए गए दो मोबाइल और टैबलेट की तकनीकी जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी प्राह्रश्वत नहीं हुई है। आत्महत्या के कारणों की गहन जांच की जा रही है। परिजन मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अंतरिक्ष की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और कारण है।