
MP News: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बीते दिनों पहले एक युवक जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचा था। जहां उसने जमकर अफसरों को जमकर खरीखोटी सुनाई। जिसमें उसने कहा कि मंगलवार हफ्ते में एक ही बार आता है। मैं कितने मंगलवारे आ चुका हूं। गरीबों की कोई सुनता ही नहीं।
दिनेश यहीं नहीं रूका उसने कहा कि वह अपनी मां के थैले से कागज छीनने लगा। कहने लगा इस कागज को यहीं फाड़ दूंगा। मां गिड़गिड़ाकर रोकने का प्रयास करने लगी। इतने में बेटा फिर कहता है कि मेरे पिता नहीं रहे। मेरी मां देख नहीं सकती। अगर गरीबों की कोई सुनवाई नहीं, तो ये जनसुनवाई किस लिए है? इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया।
सीएम डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि इंदौर में हुए इस प्रकरण को संज्ञान लेते हुए दिनेश प्रजापत जी एवं उनकी माता रामप्यारी बाई जी की समस्या का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया गया है। परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC कर पेंशन प्रक्रिया शुरू कराई गई एवं अरविंदो अस्पताल में उपचार की व्यवस्था की गई है। परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही BLO द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।
दिनेश प्रजापति ने बताया कि मुख्यमंत्री का धन्यवाद! मेरी माताराम का पूरा इलाज करवा रहे हैं। और जो सालभर से पेंशन रूकी हुई थी वह भी मेरी माताजी को दिलवा दी है। अब मेरी माता राम की पेंशन चालू हो गई है।
बता दें कि, बीते एक साल से दिनेश प्रजापति की मां राम प्यारी बाई की पेंशन लंबे समय से रूकी हुई थी, क्योंकि केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। इसके साथ मां की तबियत भी खराब रहती थी। जिसके कारण उन्हें उचित इलाज नहीं मिल पा रहा था।
Published on:
07 Feb 2026 08:42 pm
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