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बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय का मामला: ‘तीन साल बाद भी चंद कमरों और कागजों तक सीमित, घोषणाओं से आगे नहीं बढ़ पाया दिव्यांगों का सपना’

जामडोली में 10 एकड़ जमीन चिन्हित लेकिन रिक्त पदों और फैकल्टी का अभाव

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जयपुर

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Abdul Bari

Feb 06, 2026

जयपुर। दिव्यांगजनों की उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए बड़े विजन के साथ घोषित किया गया बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय तीन साल बाद भी धरातल पर नहीं उतरा है। राज्य सरकार ने अप्रेल 2023 में अधिनियम के तहत इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी, लेकिन अब तक यह संस्थान चंद कमरों, फाइलों और घोषणाओं से आगे नहीं बढ़ सका है। हालात यह हैं कि विश्वविद्यालय के नाम पर अब त​क केवल जामडोली क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जबकि भवन निर्माण, आधारभूत ढांचा और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने के कोई ठोस संकेत फिलहाल नहीं हैं।

दरअसल, इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत विशेष रूप से दिव्यांगता से जुड़े विशेष कोर्स, डिग्रियां और कौशल आधारित प्रशिक्षण संचालित किए जाने थे। प्रस्तावित ढांचे के अनुसार विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र में जोधपुर, पाली और बीकानेर संभाग के विशेष कॉलेजों को छोड़कर शेष राज्य के कॉलेज इसके दायरे में लाए जाने थे, लेकिन अब तक ​विवि की दिशा और समयसीमा दोनों ही स्पष्ट नहीं हैं। दिव्यांगजनों और उनके अभिभावकों का कहना है कि यह विश्वविद्यालय केवल एक विवि. नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी उम्मीद है। गौरतलब​ कि ​इस विवि. का प्रशासनिक विभाग विशेष योग्यजन निदेशालय है।

8 अधिकारी कर्मचारी तैनात लेकिन शैक्षणिक गति​विधियां ठप

वर्तमान में शिक्षा संकुल स्थित अहिल्या बाई होलकर भवन के तृतीय तल पर चंद कमरों में विवि. चल रहा है। यहां अशैक्षणिक पदों पर प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी तैनात हैं। वाइस चासंलर, कुलसचिव, वित्त नियंत्रक और सहायक लेखाधिकारी समेत 8 अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। लेकिन शैक्षिक पदों की स्वीकृति और भर्ती के अभाव में शैक्षणिक गति​विधियां ठप हैं।

इनका कहना है...

केवल दिव्यांग विवि. के लिए अधिनियम पारित कर देना पर्याप्त नहीं है। जब तक भवन, फैकल्टी, पाठ्यक्रम और प्रशासनिक ढांचा खड़ा नहीं होगा, तब तक इसका लाभ दिव्यांग वर्ग तक नहीं पहुंच पाएगा। तीन साल का समय हो जाने के बावजूद विश्वविद्यालय धरातल पर खड़ा दिखाई नहीं दे रहा।

डॉ. हेमंत गोयल, चेयरमैन
दिव्यांग अधिकार महासंघ

जामडोली स्थित सामाजिक न्याय संकुल में इस विवि के लिए 10 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली है। स्टाफ और फेकल्टी के लिए प्रयास कर रहे हैं, विवि के नियम न बनने के कारण स्वीकृति नहीं मिल पाई। लेकिन अब काम तेजी से चल रहा है।

इकबाल खान, आयुक्त
विशेष योग्यजन निदेशालय

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