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जैसलमेर, Jun 05, 2026

पोकरण: हर साल हादसे, फिर भी नहीं टूट रही जिम्मेदारों की तंद्रा

ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर अवैध खुदाई से गहरे गड्ढे हो रखे है। इसके अलावा कहीं सड़कों के निर्माण के दौरान आसपास से ग्रेवल खुदाई कर उपयोग ली जाती है। इस दौरान भी हुए गहरे गड्ढों को पुन: नहीं भरा जाता है। ये गड्ढे बारिश के दौरान काल का कारण बन जाते है।

pokaran news photos

पोकरण . गड्ढ़ों में बारिश में यूं भर जाता है पानी। फाइल

आगामी कुछ दिनों में सरहदी जिले में बारिश का दौर शुरू होने वाला है। इस दौरान क्षेत्र में खुले गड्ढों के साथ नाडियों में पानी की आवक होने के दौरान हादसों की रोकथाम को लेकर अभी से जिम्मेदार चेते तो हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है। सरहदी जिले के पोकरण क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष बारिश के मौसम के साथ खुले गड्ढों में पानी भर जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर अवैध खुदाई से गहरे गड्ढे हो रखे है। इसके अलावा कहीं सड़कों के निर्माण के दौरान आसपास से ग्रेवल खुदाई कर उपयोग ली जाती है। इस दौरान भी हुए गहरे गड्ढों को पुन: नहीं भरा जाता है। ये गड्ढे बारिश के दौरान काल का कारण बन जाते है। बावजूद इसके इन गड्ढ़ोंं को समय पर भरने और हादसों पर अंकुश लगाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

सुरक्षा के प्रबंध नहीं

ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे गड्ढ़ों के साथ नाडियों में सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं है। बारिश के दौरान पानी भर जाने पर इनमें गहराई की जानकारी नहीं हो पाती है। ऐसे में छोटे बच्चे, युवा आदि नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाते है और डूबने से उनकी मौत हो जाती है। जबकि जिम्मेदारों की ओर से यहां के सुरक्षा के प्रबंध करने, चेतावनी बोर्ड लगाने आदि को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

यहां सर्वाधिक समस्या

क्षेत्र के लाठी, केरालिया, नेड़ान, सनावड़ा, सांकड़ा, चाचा, थाट, केलावा, पाउपाडिया, सतासर, पुरोहितसर, एकां, फलसूंड, कजोई, पारासर, नाचना के साथ नहरी क्षेत्र में कई जगहों पर भूमि में ग्रेवल, मिट्टी, पत्थर, बजरी, जिप्सम आदि कई तरह की सम्पदाएं है। ग्रामीणों की ओर से आवश्यकतानुसार अवैध व असमान रूप से खुदाई किए जाने के कारण ऐसे बड़े गड्ढे हो चुके है। इन गड्ढों में बारिश के दौरान पानी भर जाता है और हादसे होते है। इन गड्ढों में नहाने से रोकने के लिए सुरक्षा के कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। जिसके कारण प्रतिवर्ष ऐसे हादसे होते है। गत वर्ष भी नई मांगोलाई गांव में ऐसे ही गड्ढ़े में भरे पानी में डूबने से चार मासूमों की मौत हो गई थी।

हादसों पर लगे अंकुश

ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर ऐसे खुले गड्ढ़े है। जिनमें युवाओं व बच्चों के डूबने की आशंका रहती है। जिम्मेदारों को हादसों पर अंकुश के लिए कार्रवाई करनी चाहिए।

- भूरसिंह राठौड़, निवासी सांकड़ा

लगे संकेतक बोर्ड

गांवों में ऐसे खुले गड्ढ़ों में पानी भरने के बाद गहराई की जानकारी नहीं हो पाती है। जिसके कारण बच्चों व युवाओं के डूबने की घटनाएं होती है। इन गड्ढ़ों के आसपास संकेतक या चेतावनी बोर्ड लगाए तो हादसे रुक सकते है।

- शिवकुमार, निवासी चाचा

फैक्ट फाइल

- 2-3 हादसे होते है प्रतिवर्ष ऐसे गड्ढ़ों मेे डूबने से

- 100 से अधिक गांवों व ढाणियों में है ऐसे गड्ढ़े

- 50 से अधिक जगहों पर होती है अवैध खुदाई

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