29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mr. Desert: मरुभूमि के लोक-पुरुष, साधना और शान से गढ़ते मरुश्री का स्वरूप, प्रतियोगिता में झलकता है रौब-रीति व रस्में

Maru Mahotsav 2026: जैसलमेर जिले में आज से मरु महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है, जो आगामी एक फरवरी तक आयोजित होगी। इस मरु महोत्सव में मरुश्री (मिस्टर डेजर्ट) प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रहेगी।

3 min read
Google source verification
Maru Mahotsav 2026

Maru Mahotsav 2026 (Patrika Photo)

Maru Mahotsav 2026: जैसलमेर के पर्यटन को जिस तरह से डेजर्ट फेस्टिवल (मरु महोत्सव) ने परवान चढ़ाने में अहम भूमिका अदा की, उसी प्रकार मरु महोत्सव के आभामंडल को पिछले करीब तीन दशकों से चमक प्रदान करने वाली प्रतियोगिता मिस्टर डेजर्ट (मरुश्री) है।

प्रतिवर्ष माघ शुक्ल की द्वादशी से पूर्णिमा की अवधि में जैसलमेर जिले में आयोजित होने वाले मरु महोत्सव का आयोजन 29 जनवरी से शुरू हो चुका है, जो 1 फरवरी तक होगा। एक बार फिर सबसे ज्यादा निगाहें मरुश्री प्रतियोगिता पर टिकी होंगी। यह प्रतियोगिता 30 जनवरी को जैसलमेर के शहीद पूनमसिंह भाटी स्टेडियम में करवाई जाएगी।

यह होती है विशेषताएं

दो पाटों में विभक्त दाढ़ी, रौबीली मूंछें, ऊंची कद-काठी, मरुभूमि की पहचान पचरंगी साफा और वस्त्राभूषण…यह सब मिलकर मरु महोत्सव की सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठापूर्ण मरुश्री प्रतियोगिता को जीवंत बनाए हुए हैं।

समय के साथ जहां मरु महोत्सव के कई कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं दोहराव की वजह से अब निष्प्रभावी हो गए हैं। वहीं, मरुश्री प्रतियोगिता का जलवा अब तक न केवल बरकरार है, बल्कि प्रतिवर्ष इसके आकर्षण में और इजाफा हो रहा है।

राज्यस्तरीय हो गई प्रतियोगिता

मरुश्री प्रतियोगिता की लोकप्रियता का आलम यह है कि अब इसका दायरा राज्यस्तरीय हो गया है। पूनम स्टेडियम में होने वाली इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जैसलमेर ही नहीं बल्कि राज्य के अन्य शहरों फलोदी, बीकानेर, जोधपुर, सिरोही, पाली, उदयपुर, जयपुर आदि तक से प्रतिभागी तैयार होकर पहुंचते हैं।

प्रतियोगिता में पिछले कुछ वर्षों से औसतन 40-45 प्रतिभागी पारम्परिक वेशभूषा में सज-संवर कर भाग ले रहे हैं। वे मंच पर रौबीले अंदाज में जब खड़े होते हैं, उस समय वह लम्हा मरु महोत्सव का सबसे जानदार बन जाता है। उनकी फोटोग्राफी करने के लिए पेशेवर फोटोग्राफर्स के साथ देशी-विदेशी सैलानी मचल उठते हैं।

निरंतर लगन की होती है जरूरत

मरुश्री प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागी को धीरज, मेहनत और लगन से काम लेना होता है। इसके लिए कई महीनों व कई बार एक-दो साल तक दाढ़ी-मूंछ बढ़ानी होती है। दाढ़ी को चमकदार, घनी और मुलायम बनाए रखने के लिए उस पर मक्खन लगाया जाता है।

तरह-तरह के शैम्पू से धोया जाता है। फिर सरसों अथवा नारियल का तेल तथा बाजार में उपलब्ध अन्य बियर्ड ऑयल की मालिश की जाती है। दाढ़ी छितरे नहीं, इसके लिए उसे दिन या रात के समय बांध कर भी रखा जाता है। परम्परागत वेशभूषा के साथ कीमती आभूषणों तथा तलवार आदि की व्यवस्था करनी होती है।

लोक संस्कृति का सिरमौर

मरु महोत्सव की सबसे आकर्षक मरुश्री प्रतियोगिता का टाइटल जीतना अपने आप में अद्भुत अनुभव होता है। एक तरह से मरुश्री देश-विदेश में मरुधरा की संस्कृति का प्रतीक चेहरा होता है। आगामी प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक युवा जरूरी टिप्स ले रहे हैं। जैसलमेर निवासी आकर मिल रहे हैं तो अन्य शहरों से प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति मोबाइल पर सम्पर्क कर रहे हैं। यह प्रतियोगिता राजस्थान की आन-बान-शान को प्रभावी ढंग से उभारने वाली है।
-धीरज कुमार पुरोहित, मरुश्री-2025

इसलिए बढ़ी प्रतिष्ठा

मरुश्री प्रतियोगिता के प्रसिद्ध होने की बड़ी वजह यह भी है कि इस टाइटल के कई विजेता हिंदी सहित कई भाषाओं की फिल्मों और कॉमर्शियल एड्स में काम कर चुके हैं। इनमें लक्ष्मीनारायण बिस्सा, नवल किशोर पुरोहित, सत्येन्द्र शर्मा और विजय बल्लाणी के नाम उल्लेखनीय हैं।