
MSP: WHEAT का खरीद कार्यक्रम घोषित, MUSTARD पर स्पष्ट नहीं सरकार का रुख
जोधपुर।
सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों को राहत के दावे कर रही है। राजस्थान सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। लेकिन प्रदेश की प्रमुख फसल रायड़ा (सरसों) को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है। जिले में सरसों की फसल मंडियों में आने लग गई है, लेकिन बाजार में सरसों के भाव समर्थन मूल्य से 1000 रुपए प्रति क्विंटल तक कम है। सरसों का समर्थन मूल्य 5650 रुपए क्विंटल है, वहीं बाजार भाव 4500 से 4700 रुपए है। समर्थन मूल्य और बाजार भाव में 1000 रुपए प्रति क्विंटल से भी ज्यादा अंतर है। समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं होने पर किसानों को लागत से भी कम भाव मे फसल बेचने को मजबूर होना पड़ेगा। जिले में किसानों ने 2 लाख 12 हजार हैक्टेयर रकबे में सरसों की बुवाई की है। इससे जिले में 4 लाख मैट्रिक टन सरसों पैदावार का अनुमान है। वहीं, गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद कार्यक्रम घोषित कर खरीद केंद्र तय कर दिए जबकि गेहूं की आवक सरसों के बाद में शुरू होगी।
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उच्चाधिकारियों से मिले किसान, की मांग
भारतीय किसान संघ की ओर से 9 फरवरी को अतिरिक्त जिला कलक्टर से सरसों व चना खरीद कार्यक्रम घोषित करने की मांग की गई थी। संगठन की ओर से सहकारिता विभाग व राजफैड के उच्चाधिकारियों से बात कर शीघ्र सरसों व चना की खरीद कार्यक्रम घोषित कर किसानों के पंजीयन शुरू कराने की मांग भी की गई है।
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जिले में समर्थन मूल्य में अधिसूचित फसलों का बुवाई रकबा
फसल -- बुवाई रकबा
सरसों - 212000
गेहूं - 70000
चना - 45000
(बुवाई रकबा हैक्टेयर में )
फसल-- एमएसपी-- बाजार भाव
सरसों- 5650- 4650
चना- 5440- 4800
(एमएसपी व बाजार भाव रुपए प्रति क्विंटल)
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खरीद में देरी, तो बैठक में बनाई जाएगी रणनीति
सरसों व चना की खरीद कार्यक्रम घोषित कर किसानों के शीघ्र पंजीयन शुरू करने की मांग रखी है। अगर खरीद में देरी होती है तो संगठन 7 मार्च की जिला बैठक में आगे की रणनीति पर विचार करेगा।
तुलछाराम सिंवर, प्रदेश मंत्री
भारतीय किसान संघ
Published on:
02 Mar 2024 07:00 pm
