
भारतीय रेलवे
जोधपुर. नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी कक्षाओें में पढ़ने वाले रेलकर्मियों के बच्चों को एज्युकेशन अलाउंस दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने नई शिक्षा नीति-2020 के तहत यह निर्णय किया है। बोर्ड ने नेशनल फैडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन व ऑल इंडिया रेलवे मेंस फैडरेशन की मांग को मानते हुए यह फैसला किया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (एस्टेब्लिशमेंट) वेलफेयर वी सोमदास ने सभी जोनल रेलवे को आदेश जारी किए हैं।न्यू एज्युकेशन पॉलिसी- 2020 के तहत स्कूल में 3 वर्ष की आरंभिक कक्षाओं को भी इसमें जोड़ दिया गया है। इसके अलावा यदि कोई इन आरंभिक कक्षाओं से ही बच्चों को हॉस्टल में भर्ती करवाते हैं, तो उन्हें हॉस्टल अलाउंस भी मिलेगा।
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पहले यह था आदेश
रेलवे बोर्ड की ओर से पूर्व में जारी आदेश के तहत रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को कक्षा प्रथम से पहली दो कक्षाओं का शिक्षण शुल्क रेलवे की ओर से वहन किया जाता था और रेलवे कर्मचारियों को उसका रीइंबर्समेंट दिया जाता था। लेकिन अब कक्षा प्रथम से पहले नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी का शिक्षण भत्ता दिया जाएगा।
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उसी कक्षा में फिर से प्रवेश, तो भी मिलेगा शिक्षा भत्ता
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के बाद यदि किसी कर्मचारी के बच्चे को किसी कारणवश उसी कक्षा में प्रवेश दिया जाता है या मिलता है, तो उन्हें एकबारगी छूट के रूप में प्रावधान देकर शिक्षण भत्ता देय होगा। रेलकर्मियों का कहना है कि कई बार ऐसी स्थिति बन जाती थी कि रेलकर्मी के बच्चे को उस कक्षा में प्रवेश दिया जाता था, तो उसे शिक्षण शुल्क नहीं मिल पाता था क्योंकि उस कक्षा का शिक्षण शुल्क रेलकर्मी को भुगतान किया जा चुका है। मगर इस आदेश से रेलकर्मी को काफी राहत मिलेगी।
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इनका कहना है
रेलवे बोर्ड के समक्ष इस मांग को उठाया गया था। इस मांग के माने जाने से रेलवे कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी।
-मनोज कुमार परिहार, मंडल सचिव, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन, जोधपुर
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रेलवे बोर्ड का निर्णय सराहनीय है। संगठन की ओर से लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी, जिसे मान लिया गया है।
- अजय शर्मा, कार्यकारी महासचिव, उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ, जोधपुर
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Published on:
24 Apr 2024 08:26 pm
