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अमावस की रात सा अंधकार मिटाती है भागवत कथा: प. मालीराम शास्त्री

बांधाघाट के 144 वर्ष प्राचीन सत्यनारायण मंदिर से निकली भागवत महापुराण की विराट शोभायात्रा कोलकाता. ‘भागवत कथा भव पार होने की वैतरणी है और अगर इसका लाभ पतित पावन मां गंगा के किनारे वो भी माघ मास के साथ-साथ गुप्त नवरात्रि में बंगेश्वर महादेव जैसे प्रसिद्ध शिवधाम में सुलभ हो जाए तो इससे परम कल्याणकारी […]

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बांधाघाट के 144 वर्ष प्राचीन सत्यनारायण मंदिर से निकली भागवत महापुराण की विराट शोभायात्रा

कोलकाता. 'भागवत कथा भव पार होने की वैतरणी है और अगर इसका लाभ पतित पावन मां गंगा के किनारे वो भी माघ मास के साथ-साथ गुप्त नवरात्रि में बंगेश्वर महादेव जैसे प्रसिद्ध शिवधाम में सुलभ हो जाए तो इससे परम कल्याणकारी और कुछ नहीं हो सकता। यह बात सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ करते हुए भागवत मर्मज्ञ पंडित मालीराम शास्त्री ने कही। सलकिया बांधाघाट स्थित बंगेश्वर महादेव नया मंदिर में भागवत जन-कल्याण ट्रस्ट की ओर से दिलीप-सरोज चौधरी (अनमोल ग्रुप) के मुख्य यजमानत्व और महेश कुमार शर्मा (नेचुरल ग्रुप) के संरक्षण में आयोजित कथा प्रसंग के अनुसार भागवत महात्म्य बताते हुए कहा कि भागवत ही भगवान है और जो पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ इस कथा का श्रवण और मनन करता है। उसके जीवन से अमावस की काली रात सा अंधकार मिटकर पूर्णिमा की चांदनी रात सा प्रकाश और शीतलता व्याप्त हो सकती है।

भागवत भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है

पंडित शास्त्री ने कहा कि भागवत भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है जो जीव के भव से तरने का सर्वोत्तम मार्ग है। कथा प्रारंभ से पूर्व, मुख्य यजमान, कथा संरक्षक सहित विशिष्ट समाजसेवी सत्यनारायण खेतान सहित अन्य गणमान्य लोगों ने व्यास पीठ को नमन किया।

इस सप्त दिवसीय आयोजन का शुभारम्भ बांधाघाट के 144 वर्ष प्राचीन सत्यनारायण मंदिर से निकाली गई भव्य विराट मंगल कलश भागवत शोभायात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य यजमान दिलीप-सरोज चौधरी भागवत महापुराण की पुस्तक सिर पर धारण किए हुए मंगल कलशधारी सैकड़ों महिलाओं और 111 भागवत पारायण के विप्रजनों के साथ हरि संकीर्तन करते हुए शामिल हुए। सुभाष अग्रवाल, सजन तायल, प्रदीप केडिया, राजेश शर्मा, संदीप अग्रवाल, रोहित अग्रवाल आदि आयोजन की सफलता में सक्रिय रहे । सुरेश कुमार भुवालका ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि 26 जनवरी तक चलने वाली इस कथा में पंडित शास्त्री प्रतिदिन दोपहर 2.30 बजे से प्रवचन करेंगे।