
कोलकाता. सुन्दरकाण्ड भक्त मण्डल, कोलकाता के तत्वावधान में रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में हनुमंतधाम (फोरशोर रोड, शिवपुर) में आयोजित श्रीराम कथा में संत मुरलीधर महाराज ने कहा कि संसार में चमत्कार की बजाय पुरुषार्थ पर विश्वास करना चाहिए। जीवन में प्रतिकूलता आने पर प्रभु के चरणों में शरणागत होकर उनके नाम का स्मरण करना ही सच्चा मार्ग है।
यह संसार कर्म प्रधान है
उन्होंने भगवान शंकर के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संसार कर्म प्रधान है और जैसा व्यक्ति कर्म करता है, वैसा ही फल उसे प्राप्त होता है।यदि कर्म के अनुरूप फल न मिले तो उसे रामजी की इच्छा समझना चाहिए और किसी को दोष नहीं देना चाहिए।उन्होंने बताया कि भक्त का लक्षण यही है कि वह भगवान से कुछ नहीं मांगता, यदि मांगता है तो केवल भगवान को ही मांगता है। कलयुग में वे भाग्यशाली हैं जो भगवान के भक्त हैं। नरसी मेहता के जीवन में भगवान 52 बार प्रकट हुए, तो भक्तों के जीवन में भी ऐसा संभव है, आवश्यकता केवल आर्त भाव से स्मरण करने की है। कार्यक्रम का संचालन हरीश तिवाड़ी ने किया।
श्रीरामकथा को सफल बनाने में उपस्थित थे
श्रीरामकथा को सफल बनाने में कथा के संरक्षक श्याम सुन्दर अग्रवाल, मुख्य यजमान आशाराम झंवर और संदीप गुप्ता, दैनिक यजमान जय प्रकाश तापड़िया, वृजमोहन गट्टानी, संस्था के अध्यक्ष पवन कुमार ताम्बी, सचिव शिवशंकर लाहोटी, आयोजन समिति के अध्यक्ष श्याम सुन्दर तोषनीवाल, सचिव ललित कुमार सिंघी, राम अवतार बिहानी, महावीर खंडेलवाल, विनोद शर्मा, जगत चोरड़िया, गजानंद दायमा, सांवरमल पारीक, चम्पालाल राठी, उमापति कुशवाहा, महावीर प्रसाद मावतवाल और कैलाश चंद्र शर्मा सहित अन्य सदस्य सक्रिय रहे। इस अवसर पर गोविन्द सारडा, शांता सारडा, दुर्गा व्यास, गोविन्दराम अग्रवाल, महावीर प्रसाद बजाज, हर्ष वर्धन सर्राफ, नटवर बंग, सुरेश गाड़ोदिया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
Updated on:
21 Jan 2026 12:53 pm
Published on:
21 Jan 2026 12:52 pm

बड़ी खबरें
View Allकोलकाता
पश्चिम बंगाल
ट्रेंडिंग
