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ड्रंक एंड ड्राइव मामले में फंसे अमृतानंद महाराज, कहा- कभी शराब को हाथ नहीं लगाया, कीर्तन मेरी जान है

कीर्तनकार अमृतानंद महाराज ने पुणे पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने जीवन में कभी शराब नहीं पी, इसके बावजूद उनके खिलाफ ड्रंक एंड ड्राइव की कार्रवाई की गई।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 03, 2026

Kirtankar Amrutanand Maharaj Drunk and Drive case

कीर्तनकार अमृतानंद महाराज का पुलिस पर गंभीर आरोप (Photo: X/IANS)

पुणे में ड्रंक एंड ड्राइव अभियान को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मशहूर कीर्तनकार अमृतानंद महाराज ने पुणे पुलिस पर गलत तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। कीर्तनकार ने दावा किया कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी शराब नहीं पी है, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें नशे में गाड़ी चलाने का दोषी बताकर उन पर कानूनी कार्रवाई की। यह मामला अब पूरे पुणे में चर्चा का विषय बन गया है।

काउंसलिंग सत्र के दौरान कमिश्नर के सामने छलका दर्द

यह पूरा वाकया उस समय सामने आया जब सोमवार को पुणे पुलिस द्वारा ड्रंक एंड ड्राइव के आरोपियों के लिए एक विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया था। इस सत्र में पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार खुद मौजूद थे। इसमें अमृतानंद महाराज ने खड़े होकर अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने सीधे कमिश्नर से कहा कि कीर्तन ही उनका जीवन और सांस है, और वे किसी भी प्रकार के व्यसन से कोसों दूर रहते हैं। उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी उनके चरित्र की जांच कर सकता है, उन्होंने आज तक शराब को हाथ भी नहीं लगाया है। इस मामले के सामने आने के बाद अब पुणे पुलिस दोबारा जांच करने की तैयारी में है।

हादसे के बाद मिले थे पॉजिटिव

अमृतानंद महाराज ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ समय पहले मुंढवा रेलवे ब्रिज के पास एक युवक ने उनकी कार को पीछे से टक्कर मार दी थी। इस हादसे के बाद मामला मुंढवा पुलिस स्टेशन पहुंचा। इसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां जांच के दौरान उन्हें ड्रंक एंड ड्राइव में पॉजिटिव बताया गया, जो उनके लिए हैरान करने वाला था।

अमृतानंद महाराज ने यह भी कहा कि हादसे के समय वह पूरी तरह होश में थे और टक्कर उनकी गलती से नहीं हुई थी, फिर भी उन्हें शराब पीने का आरोपी बना दिया गया।

कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश

कीर्तनकार के इन गंभीर आरोपों को सुनने के बाद पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए हैं। कमिश्नर ने सत्र में उपस्थित अन्य लोगों से भी पूछा कि क्या किसी और के साथ भी इस तरह की गलत कार्रवाई हुई है।

पुणे पुलिस अब इस बात की पुष्टि कर रही है कि कीर्तनकार अमृतानंद महाराज के मामले में उस समय की गई मेडिकल जांच और पुलिस रिपोर्ट में क्या कोई खामियां थीं, क्या जानबूझकर उन्हें मामले में फंसाया गया? यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह पुणे पुलिस के लिए एक बड़ी चूक साबित हो सकती है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

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