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अगर सुनेत्रा बनीं डिप्टी CM तो प्रफुल्ल पटेल का क्या होगा? जब अजित के लिए दिया धोखा तो टूट गए थे शरद

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया, जिसमें 5 लोग मारे गए। उनके जाने से एनसीपी (अजित गुट) में उत्तराधिकार की हलचल तेज है।

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भारत

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Mukul Kumar

Jan 30, 2026

सुनेत्रा पवार और शरद पवार के साथ प्रफुल्ल पटेल। (फोटो- IANS)

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन हादसे में निधन हो गया है। उनके जाने के बाद एनसीपी (अजित गुट) में उत्तराधिकार को लेकर हलचल तेज हो गई है।

ऐसी अटकलें हैं कि अब अजित पवार की पत्नी और वर्तमान राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बन सकती हैं।

एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा से मुलाकात कर उन्हें डिप्टी सीएम पद संभालने का प्रस्ताव दिया है। नरहरी झिरवाल ने इसे अजित पवार के लिए श्रद्धांजलि बताया है और कहा कि पार्टी कार्यकर्ता व जनता चाहते हैं कि सुनेत्रा मंत्रिमंडल में शामिल हों।

एनसीपी (अजित गुट) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं प्रफुल्ल

इस बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर वह डिप्टी सीएम बनती हैं तो एनसीपी के कद्दावर और सबसे पुराने नेता प्रफुल्ल पटेल का क्या होगा?

दरअसल, प्रफुल्ल फिलहाल एनसीपी (अजित गुट) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं। वह कभी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं।

शरद उन्हें अपना 'मैन फ्राइडे', 'क्राइसिस मैनेजर' और 'राइट हैंड' मानते थे। प्रफुल्ल ने भी कई बार शरद को 'गुरु', 'मेंटर', 'पिता तुल्य' और यहां तक कि 'देवता' भी कहा है। शरद के चलते प्रफुल्ल कई बार केंद्र में मंत्री बने।

साल 2023 में अजित पवार के साथ शरद से अलग हुए थे प्रफुल्ल

साल 2023 में अजित पवार ने एनसीपी में बगावत कर दी। अपने साथ वह 40 विधायकों को लेकर शरद से अलग हो गए। इसमें प्रफुल्ल पटेल ने भी अजित पवार का साथ दिया। प्रफुल्ल के धोखे से शरद पूरी तरह से टूट गए थे। उन्होंने यह तक कह दिया था कि प्रफुल्ल के साथ मेरा बेटे जैसा रिश्ता था।

उस समय प्रफुल्ल ने विवादों के बीच स्पष्ट किया था कि उनका शरद पवार के प्रति सम्मान कम नहीं हुआ है। उन्होंने महाराष्ट्र की जनता के हित में अजित के साथ जाने का फैसला लिया है।

अब तक बड़ी जिम्मेदारी से दूर

चूंकि प्रफुल्ल कई बार केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में यह माना जा रहा था कि एनडीए के साथ आने के बाद उन्हें केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।

अब अजित के जाने के बाद प्रफुल्ल को किसी बड़े पद के लिए दावेदार माना जा रहा था, लेकिन सुनेत्रा के डिप्टी बनने के कयासों से उन्हें फिर किसी बड़े पद से दूर ही रहना पड़ सकता है।

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