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बॉर्डर पर भारत करने जा रहा ऐसा काम कि चिढ़ जाएगा पाकिस्तान, अगर हमला करने की कोशिश की तो जवाब देने का प्लान भी सेट

27 फरवरी को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर में भारतीय वायुसेना का इस साल का सबसे बड़ा युद्ध अभ्यास होने जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर आयोजित इस अभ्यास में वायुसेना अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और फाइटर जेट अपनी गरज दिखाएंगे।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 05, 2026

भारत का फाइटर जेट। (फोटो- IANS)

ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर 27 फरवरी को भारत-पाक बॉर्डर के पास बड़ा युद्ध अभ्यास होने जा रहा है। इसमें एक बार फिर भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट गरजते नजर आएंगे। इस दौरान, वायुसेना अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।

ऑपरेशन सिंदूर में अपना पराक्रम दिखा चुकी भारतीय वायुसेना अब पाकिस्तान सीमा के पास जैसलमेर में इस साल का पहला और सबसे बड़ा वायु सैन्य अभ्यास करने जा रही है।

क्या रखा गया है अभ्यास का नाम?

इस अभ्यास का नाम वायु शक्ति 2026 रखा गया है। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास में वायुसेना के वेस्टर्न और साउथ वेस्टर्न कमांड के एयरबेस और उनके असेट्स हिस्सा ले रहे हैं। सभी यूनिट्स को पूरी तरह से एक्टिव कर दिया गया है।

रक्षा विभाग की ओर से यह बताया गया है कि इस अभ्यास में 100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट उतारे जायेंगे। ऑपरेशन सिंदूर में शामिल वायुसेना के लगभग सभी लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम इस अभ्यास में भाग लेंगे।

ये लड़ाकू विमान अभ्यास में नजर आएंगे

रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास में राफेल, सुखोई-30, तेजस, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और हॉक एयरक्राफ्ट अपना सटीक निशाना साधते हुए नजर आएंगे।

बता दें कि मिग-21 विमान वायुसेना से रिटायर हो चुके हैं, इसलिए पहली बार वे इस वायु सैन्य अभ्यास में दिखाई नहीं देंगे। इसके अलावा अटैक हेलीकॉप्टर प्रचंड को भी रॉकेट दागते हुए देखा जाएगा।

कैसे अभ्यास को किया जाएगा कंट्रोल?

रक्षा अधिकारियों ने कहा- यह अभ्यास एक काल्पनिक युद्ध का माहौल बनाकर किया जाएगा। पूरे अभ्यास को वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईएसीसीएस) के जरिए मॉनिटर और कंट्रोल किया जाएगा।

इस युद्ध अभ्यास में भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स के साथ-साथ फिक्स्ड-विंग ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट यूनिट के सी-130जी और सी-295, हेलीकॉप्टर यूनिट के चिनूक, एमआई-17 और एएलएच, ड्रोन तथा ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए लॉयटरिंग म्यूनिशन का भी उपयोग किया जाएगा।

पाकिस्तान को भी है युद्ध अभ्यास की जानकारी

भारतीय वायुसेना के इस अभ्यास की जानकारी पाकिस्तान को भी है, जिसके लिए एनओटीएएम जारी किया गया है। हालांकि, पाकिस्तान की फितरत को देखते हुए वायुसेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को भी पूरी तरह एक्टिव कर दिया है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार आईएसीसीएस अटैक और डिफेंस दोनों के लिए पूरे एयरस्पेस की निगरानी करेगा।

पाकिस्तानी हरकत को रोकने के लिए क्या व्यवस्था?

एयर डिफेंस की कई लेयर तैयार की गई हैं, जिनमें एंटी-एयरक्राफ्ट गन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसमें आकाश मिसाइल सिस्टम के साथ-साथ थलसेना की एल-70 गन भी तैनात रहेंगी।

रक्षा अधिकारियों के मुताबिक वायु शक्ति अभ्यास के लिए कई वीवीआईपी को भी आमंत्रित किया गया है। दिल्ली स्थित मित्र देशों के दूतावासों से करीब 40 अधिकारी भी इस अभ्यास को देखने के लिए मौजूद रह सकते हैं।

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