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‘मैं और मुनीर जब दुनिया से पैसों की भीख मांगते हैं तो शर्म…’, पाक पीएम शहबाज का छलका दर्द

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की बढ़ती विदेशी कर्ज निर्भरता पर गहरी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि बार-बार दूसरे देशों से मदद मांगना राष्ट्रीय आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाता है।

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भारत

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Mukul Kumar

Jan 31, 2026

Asim Munir and Shehbaz Sharif

पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर और पाक पीएम शहबाज शरीफ। (फोटो- IANS)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने देश की विदेशी कर्ज पर निर्भरता को लेकर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से पैसे मांगना राष्ट्रीय आत्म-सम्मान को कम करता है। साथ ही शरीफ ने यह भी कहा कि पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर सहित अधिकारियों के लिए यह शर्मिंदगी का कारण है।

शर्म से हमारे सिर झुक जाते हैं- पाक पीएम

एक कार्यक्रम में शरीफ ने पाकिस्तान के प्रमुख निर्यातकों और बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया। इस दौरान पीएम शहबाज शरीफ ने कहा- जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनिया भर में पैसे के लिए भीख मांगते हैं तो हमें शर्म आती है।

उन्होंने कहा- कर्ज लेना हमारे आत्म-सम्मान पर एक बहुत बड़ा बोझ है। शर्म से हमारे सिर झुक जाते हैं। वे हमसे जो कुछ भी करवाना चाहते हैं, हम उनमें से कई चीजों के लिए 'ना' नहीं कह सकते।

चीन की तारीफ करने लगे पाक पीएम

शरीफ का कर्ज के लिए 'भीख मांगने' की बात स्वीकार करना देश की आर्थिक समस्याओं और अंतर्राष्ट्रीय सहायता पर निर्भरता को उजागर करता है। यह ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान IMF से समर्थन और कर्ज रोलओवर की मांग कर रहा है।

इस बीच, पाक पीएम ने अपने सबसे खास दोस्त चीन के साथ-साथ सऊदी अरब, यूएई और कतर की भी तारीफ की। जिन्होंने परिस्थितियों की परवाह किए बिना, अच्छे और बुरे दोनों समय में इस्लामाबाद का साथ दिया है।

हमेशा पाक की मदद करते हैं ये देश

पाकिस्तान की आर्थिक जीवनरेखाएं काफी हद तक चीन, सऊदी अरब, यूएई और कतर पर निर्भर हैं, जो हमेशा संकट में पाक की वित्तीय मदद करते हैं। चीन ने पाकिस्तान को कर्ज चुकाने में मदद करने के लिए अरबों डॉलर की सुरक्षित जमा राशि को रोलओवर किया है।

सऊदी अरब ने दिसंबर 2024 में 3 बिलियन डॉलर दिए। इसके अलावा, 2025 में लगभग 1.2 बिलियन की स्थगित तेल भुगतान सुविधा प्रदान की। रियाद ने खनन, कृषि और IT में महत्वपूर्ण निवेश का वादा किया है।

उधर, यूएई ने 2025 की शुरुआत में 2 बिलियन डॉलर के कर्ज को रोलओवर किया और पाकिस्तान के ऊर्जा, बंदरगाह संचालन और अपशिष्ट जल उपचार क्षेत्रों में अरबों का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका लक्ष्य 10-25 बिलियन डॉलर है।

पाक में तेजी से बढ़ रही गरीबी

शरीफ ने पाकिस्तान में बढ़ती गरीबी और बेरोजगारी पर भी चिंता जताई। फिलहाल, पाकिस्तान एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिसमें गरीबी दर बढ़कर आबादी के 45 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। यह महंगाई और बाढ़ से और भी बढ़ गई है।

बेरोजगारी बढ़कर लगभग 7.1 प्रतिशत हो गई है, जिसमें आठ मिलियन से ज्यादा नागरिक बेरोजगार हैं, जबकि निर्यात अभी भी काफी हद तक टेक्सटाइल और कमोडिटी पर निर्भर है।

कितना कर्ज में पाकिस्तान?

खास बात यह है कि पाकिस्तान इस समय एक गंभीर कर्ज संकट का भी सामना कर रहा है। मार्च 2025 तक कुल सार्वजनिक कर्ज 76,000 बिलियन रुपये से ज्यादा हो गया है, जो सिर्फ चार सालों में लगभग दोगुना है। देश कर्ज चुकाने और डिफॉल्ट से बचने के लिए IMF के बेलआउट और चीन से मिलने वाले लोन पर बहुत ज्यादा निर्भर है।

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